बेटियां बोझ नहीं, बाल विवाह रोकें : ममता

 Child Marriage
Published on

झाड़ग्राम : विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर झाड़ग्राम स्टेडियम में गुरुवार को चार दिवसीय रंगारंग कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाल विवाह रोकने का कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, बेटियों की जल्दी शादी न करें। वे समाज पर बोझ नहीं हैं। उन्हें पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर दें। आज की लड़कियां आत्मनिर्भर हो रही हैं और हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रही हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत में कई सरकारी योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। आदिवासी समाज के प्रतिभाशाली लोगों को शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आदिवासी समुदाय को विभिन्न सरकारी लाभ जैसे दस्तावेज, सामग्री, और सांस्कृतिक समूहों को धामसा-मादल भी सौंपे गए। मंच पर मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव मनोज पंत, मंत्री इंद्रनील सेन, बीरबहा हासदा, पूर्व सांसद उमा सोरेन, विधायक दुलाल मुर्मू, देबनाथ हासदा और अन्य गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा, एक बेटी ने मुझे आकर कहा कि उसका परिवार जल्द से जल्द उसकी हाथ पिली करना चाहता है लेकिन वह पढ़ना चाहती हैं, आगे बढ़ना चाहती हैं। अभिभावकों से मेरी विनती है कि हमारे लड़कियों को आगे बढ़ने में सहायता करें, जल्द शादी न करवाएं, एकदिन वह देश का नाम रौशन कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा, राज्य सरकार छात्रों के लिए साइकिल, स्मार्टफोन और आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं चला रही है ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो। सभी के सहयोग से लड़कियां आगे बढ़ सकती हैं।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in