तलाक के बाद बेटी का ढोल-नगाड़ों से स्वागत, सेवानिवृत्त जज ने पेश की मिसाल

पारंपरिक सोच से हटकर परिवार ने मनाई नई शुरुआत की खुशी, कहा— बेटी की खुशी सबसे जरूरी
तलाक के बाद बेटी का ढोल-नगाड़ों से स्वागत, सेवानिवृत्त जज ने पेश की मिसाल
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मेरठ में पति से तलाक मिलने के बाद एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने अपनी बेटी का ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से स्वागत कर अनोखी मिसाल पेश की है। इस पहल की इलाके में व्यापक चर्चा हो रही है।

जानकारी के अनुसार, मेरठ परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश Shaktiputra Tomar ने शनिवार को सेवानिवृत्त न्यायाधीश Dr. Gyanendra Kumar Sharma की पुत्री Pranita Vashishtha के तलाक को मंजूरी दे दी। इसके बाद परिवार ने तलाक को नई शुरुआत के रूप में मनाते हुए ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ उनका स्वागत किया।

प्रणिता की ओर से अधिवक्ता Rajeev Giri और Naseeb Saifi ने अदालत में पैरवी की। अधिवक्ताओं ने बताया कि प्रणिता की शादी 19 दिसंबर 2018 को Shahjahanpur निवासी Major Gaurav Agnihotri से हुई थी, लेकिन शादी के बाद से ही उन्हें मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

एक बेटा होने के बावजूद हालात में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद प्रणिता ने मेरठ परिवार न्यायालय में तलाक की अर्जी दी। अदालत के फैसले के बाद परिजन ढोल की थाप पर नाचते-गाते उन्हें घर लेकर पहुंचे और फूल-मालाओं से स्वागत किया। परिवार के सदस्यों ने काली टी-शर्ट पहन रखी थी, जिस पर “आई लव माय डॉटर” लिखा था।

डॉ. शर्मा ने कहा कि अगर उनकी बेटी खुश नहीं थी तो उसे उस माहौल से बाहर निकालना उनका कर्तव्य था और उन्होंने किसी तरह की राशि या सामान नहीं लिया, केवल बेटी को घर वापस लाए हैं।

Pranita Vashishtha तेजगढ़ी चौराहे स्थित ‘प्रणव वशिष्ठ जुडिशल अकादमी’ में फाइनेंस डायरेक्टर हैं और उन्होंने मनोविज्ञान में परास्नातक किया है। उन्होंने अन्य महिलाओं से अपील की कि अगर वे किसी तरह की प्रताड़ना झेल रही हैं तो चुप न रहें और अपने अधिकारों के लिए खड़ी हों।

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