दासनगर हत्याकांड में विनोद सिंह दोषी करार, 3 आरोपी बरी

शुक्रवार को हावड़ा कोर्ट सुना सकती है सजा
Dasnagar Murder Case Vinod Singh Convicted By Howrah Fast Track Court
सांकेतिक फोटो REP
Published on: 

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा: हावड़ा की प्रथम फास्ट ट्रैक अदालत ने वर्ष 2015 के दासनगर थाना क्षेत्र के हत्याकांड में आरोपी विनोद सिंह को हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। अदालत के न्यायाधीश सुब्रत घोष ने मंगलवार को मामले में फैसला सुनाया। हालांकि, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में तीन अन्य आरोपियों अभिजीत, अमित और आकाश को बरी कर दिया गया। विनोद को इस पूरे मामले की सुनवाई के दौरान हिरासत में रखा गया था। उसकी सजा की अवधि की घोषणा आगामी शुक्रवार को होगी। सरकारी वकील अरिंदम मुखोपाध्याय ने मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने विनोद सिंह को गोली चलाकर हत्या करने के आरोप में दोषी पाया, जबकि अन्य तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

गोविंद की तलाश में पहुंचे थे आरोपी मगर सागर को मार दी थी गोली

घटना 30 सितंबर 2015 की है। शिकायतकर्ता बेबी मन्ना के घर आरोपी विनोद अपने साथियों के साथ उसके पति गोविंद मन्ना की तलाश में पहुंचा था। उस समय बेबी का बेटा अपने दोस्त संजय दास के साथ घर में सो रहा था। आरोप है कि पूर्व विवाद के चलते विनोद ने संजय को गोविंद समझकर उस पर गोली चला दी। आरोपियों के चेहरे हेलमेट से ढके हुए थे। गोली लगने के बाद संजय को हावड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेबी मन्ना की शिकायत पर दासनगर थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने विनोद सिंह समेत उसके तीन साथियों अभिजीत, अमित और आकाश को गिरफ्तार किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में शुरू हुई।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in