जादवपुर में हिंसा के बीच ऐतिहासिक प्रतीक क्षतिग्रस्त

नंदलाल बोस की ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान, ABVP पर आरोप
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कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय में बुधवार की रात शुरू हुआ छात्र संगठनों का विवाद गुरुवार को हिंसक टकराव में बदल गया। इस दौरान विश्वविद्यालय के 4 नंबर गेट पर लगे ऐतिहासिक प्रतीक (Emblem) को नुकसान पहुंचने से छात्रों और शिक्षकों में नाराजगी है।

आरोप है कि एबीवीपी समर्थकों के एक वर्ग ने गेट पर चढ़कर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। इसी दौरान प्रतीक से जुड़ा लोहे का ढांचा टूटकर नीचे आ गया। बताया जाता है कि विश्वविद्यालय की पहचान और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े इस प्रतीक को प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस ने तैयार किया था।

घटना के बाद शिक्षकों और छात्रों ने सवाल उठाया कि आंदोलन के नाम पर विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान क्यों पहुंचाया गया। जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेश्वर सिन्हा ने कहा, “यह जादवपुर विश्वविद्यालय का गौरव है और यह गौरव सभी का है। स्वदेशी आंदोलन और स्वतंत्रता संघर्ष की भावना से जुड़े इस संस्थान में ऐसी घटना दुखद और पीड़ादायक है। सरकार में इस संस्थान के प्रति संवेदना और प्रेम है तो इस घटना की जांच होनी चाहिए।”

गौरतलब है कि बुधवार की रात 'फेटसू' की ओर से आयोजित जनरल बॉडी बैठक को लेकर एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच विवाद शुरू हुआ था। एबीवीपी ने छात्र संसद नहीं होने के बावजूद जीबी बैठक बुलाई जाने पर सवाल उठाया। इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हुई।

एबीवीपी ने अपने यूनिट अध्यक्ष निखिल दास और दीप्तिमान कर के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। गुरुवार को विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि एबीवीपी समर्थकों ने 4 नंबर गेट खोलकर परिसर में प्रवेश किया और कुछ छात्र संगठनों के झंडे-बैनर फाड़े। एसएफआई के झंडे में आग लगाने का भी आरोप लगा। मामले को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तनाव बना रहा।

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