

सन्मार्ग संवाददाता
दक्षिणेश्वर : शुक्रवार की शाम दक्षिणेश्वर मेट्रो स्टेशन पर सहपाठी मनजीत यादव की चाकू मारकर हत्या करने के आरोप में बैरकपुर कमिश्नरेट पुलिस ने उसके सहपाठी और दोस्त राना सिंह (18) को हावड़ा स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। राना के माता-पिता और बड़ी बहन को भी पकड़ा गया है। उनकी योजना बिहार भाग जाने की थी हालांकि इसके पहले ही पुलिस ने राना को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि राना और मनजीत में दोस्ती होने पर भी राना की परिचित किशोरी पर मनजीत के आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। 5 अगस्त को उनमें झगड़ा हुआ और 10 अगस्त को भी बरानगर के कलाकारपाड़ा में भी दोनों के बीच मारपीट हो गयी थी। हालांकि दोस्तों के हस्तक्षेप से मामला सुलझ जाने पर भी राना ने मनजीत को सबक सिखाने की ठान ली थी। प्राथमिक छानबीन में सामने आया है कि इस उद्देश्य से ही अभियुक्त ने अपने पास चाकू रखा था। घटना के दिन यानी शुक्रवार को भी दोनों दोस्तों के साथ ही स्कूल गये और लौट भी रहे थे मगर पुनः दोनों में उसी बात पर झगड़ा हुआ जिसके बाद राना ने मनजीत पर चाकू से प्रहार करना शुरू कर दिया। इससे मनजीत की मौत हो गयी। पुलिस मुख्य अभियुक्त राना सिंह को शनिवार को बैरकपुर कोर्ट में पेश कर हिरासत में लिया है।
दोस्त ने ही ले ली दोस्त की जान, इस बात को मान नहीं पा रहे हैं कलाकारपाड़ा के लोग
बरानगर के आलमबाजार निवासी मनजीत यादव व कलाकारपाड़ा के निवासी राना सिंह में कई सालों से गहरी दोस्ती थी मगर इस दोस्ती में ऐसी खटास आ जायेगी कि एक दोस्त दूसरे की जान ही ले लेगा, ऐसा दोनों ही परिवारों ने नहीं सोचा था। आलमबाजार से लेकर कलाकारपाड़ा में बस लोगों के बीच यही चर्चा हो रही है कि साथ खेलने वाले, स्कूल जाने वाले दोस्तों, स्कूल छात्रों के बीच ऐसी क्या परिस्थिति हो गयी कि एक ने दूसरे की जान ले ली। आलमबाजार के निवासी मनजीत का परिवार अब भी सदमें में है। मंझले बेटे को खोकर उसकी मां बुत बन चुकी है। वहीं पड़ोसियों को भी यकीन नहीं हो रहा है कि इलाके में सबके बीच हंसने खेलने वाला मनजीत अब उनके बीच नहीं है। वहीं कलाकारपाड़ा में किराये के कमरे में रहने वाले राना की पड़ोसी केया दास ने कहा कि उन्हें तो यकीन ही नहीं हो रहा है कि राना जैसे शांत स्वभाव के लड़के ने ऐसा किया है। उन्होंने कहा कि राना ज्यादातर घर में ही रहता था। वह पढ़ाई लिखाई में भी ठीक था, जब उन्होंने यह सुना तो वे सकते में आ गये। वहीं कुछ पड़ोसियों ने कहा कि उन्होंने अचानक ही पूरे परिवार को एक साथ जाते देखा था मगर तब उन्हें बात समझ नहीं आयी थी। राना के परिवार में उसके पिता, मां और बड़ी बहन है जो कि कॉलेज में है। पड़ोसियों ने बताया कि राना के पिता ट्रक चलाते हैं और कई सालों से वे लोग इलाके में ही कहीं ना कहीं किराये पर रहते आ रहे हैं। लोगों ने कहा कि यह काफी दुःखद है। इस घटना से दोनों ही परिवारों ने जो खो दिया है उससे शायद ही वे लोग कभी उबर पायेंगे।