सेवानिवृत्त अध्यापक को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 1.61 करोड़ की ठगी

शिकायत के मुताबिक, वीडियो कॉल में व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखा और उसने सेवानिवृत्त अध्यापक को फर्जी बैंक विवरण भेजा।
सांकेतिक चित्र
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करवारः कर्नाटक में साइबर अपराधियों ने 72 वर्षीय एक सेवानिवृत्त अध्यापक को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर उनसे कथित तौर पर 1.61 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना उत्तर कन्नड़ जिले के मुंडगोड स्थित तिब्बती कॉलोनी में हुई।

बृहस्पतिवार को जिला पुलिस को की गई शिकायत के मुताबिक, पलडेन (72) को एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सऐप कॉल की और खुद को महाराष्ट्र में कोलाबा का थाना का निरीक्षक बताया। इस व्यक्ति ने दावा किया कि मुंबई में गिरफ्तार एक आतंकवादी के कब्जे से कई एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं जिनमें से एक कार्ड पलडेन के नाम पर है और पलडेन के खाते से करोड़ों रुपये के लेन-देन किये गये हैं, इसलिए उनके खिलाफ धनशोधन का एक मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस वर्दी में शख्स ने किया वीडियो कॉल

शिकायत के मुताबिक, वीडियो कॉल में वह व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखा और उसने सेवानिवृत्त अध्यापक को फर्जी बैंक विवरण भेजा। उसने यह भी कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए पीड़ित का पैसा एक नेशनल फंड में जमा किया जाना जरूरी है और जांच पूरी होने पर यह पैसा लौटा दिया जाएगा।

साइबर अपराधियों ने पलडेन को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर रखा था। कानूनी परिणामों से बचने के लिए पलडेन ने अपना सावधि जमा और रिश्तेदारों से उधार लेकर कुल 1.61 करोड़ रुपये कई किस्तों में बताए गए खातों में भेज दिए। बाद में ठगे जाने का एहसास होने पर पलडेन ने करवार साइबर थाने से संपर्क किया जहां एक मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

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