

नई दिल्लीः भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सेन एगुइलेरा ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान की सोमवार को कड़ी निंदा की, जिसके तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने इसे “अपराधिक” और “आतंकी” कृत्य बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई के जरिये संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया गया है।
पीटीआई वीडियो को दिए एक विशेष साक्षात्कार में एगुइलेरा ने कहा कि कोई अकेला देश अमेरिका को ऐसे एकतरफा कदम उठाने से रोक नहीं सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका के "पागलपन" का सामना करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।
अमेरिका को रोकने के लिए साथ आना होगा
राजदूत ने कहा, “मेरे विचार में, अमेरिकी सैन्य आक्रमण वेनेजुएला के खिलाफ एक अपराध है। यह एक आतंकी कृत्य है। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून में निहित सभी सिद्धांतों का उल्लंघन है। यह एक संप्रभु देश के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई है।”
उन्होंने अमेरिकी शुल्क युद्ध, ईरान को धमकियां और सैन्य हमलों का उल्लेख करते हुए वैश्विक एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। राजदूत ने कहा, “मुझे लगता है कि कोई भी अकेले अमेरिकी को रोक नहीं सकता, न ही रोक पाएगा। सभी को एक साथ आना चाहिए। यह एकता का समय है।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्रवाई से दुनिया को एक खतरनाक संकेत मिला है।
भारत बना सकता है शक्ति संतुलन
क्यूबा के राजदूत ने वैश्विक भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भारत की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया को भारत की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में जरूरी संतुलन बना सकता है और सभी देशों के लिए एक स्थिर भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। राजदूत ने कहा, “मुझे पूरा यकीन है कि ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में भारत की भूमिका भविष्य में लगातार मजबूत होती जाएगी। हमें भारत की आवश्यकता है ताकि हम वह संतुलन बना सकें जो दुनिया को चाहिए।”