ओडिशा समकक्ष के सामने पंत ने उठाया 'बंगाली श्रमिकों' का मुद्दा

मजदूरों को घर वापस भेजने का किया आग्रह
CS Dr Manoj Pant
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कोलकाता: एक सनसनीखेज खुलासे से पता चला है कि पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (ईजेडसी) की बैठक के दौरान मुख्य सचिव डॉ मनोज पंत ने ओडिशा में हिरासत में लिए गए बंगाली श्रमिकों के मुद्दे को गंभीरता से उठाया। सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को रांची में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पश्चिम बंगाल और ओडिशा दोनों राज्यों के मुख्य सचिव मौजूद थे। राज्य की ओर से मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इसमें भाग लिया। पता चला है कि, लंच ब्रेक के दौरान सीएस मनोज पंत और ओडिशा के सीएस मनोज आहूजा के बीच सौहार्दपूर्ण मुलाकात हुई। इसी दौरान अनौपचारिक बातचीत में सीएस पंत ने ओडिशा में सैकड़ों बंगाली श्रमिकों के हिरासत में होने का मुद्दा उठाया और कहा कि वे पश्चिम बंगाल के मूल निवासी हैं। उनको जल्द से जल्द रिहा किया जाना चाहिए। सीएस पंत ने बताया कि इस विषय पर उन्होंने पहले भी सीएस ओडिशा को पत्र भेजा था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर सीएस आहूजा ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

केंद्रीय गृह सचिव से भी हस्तक्षेप करने की अपील की

सूत्रों की मानें तो इस बातचीत के दौरान केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी मौजूद थे, जिनसे सीएस पंत ने व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे पर बातचीत की और केंद्र व राज्यों के बीच आपसी समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। यह मुद्दा पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा है, जिस पर अब दोनों राज्यों के प्रशासनिक प्रमुखों के बीच संवाद शुरू हो चुका है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में, भाजपा शासित ओडिशा सरकार ने पश्चिम बंगाल के कई ज़िलों से कम से कम 200 प्रवासी मज़दूरों को 'बांग्लादेशी' होने के संदेह में हिरासत में लिया है। सभी भाजपा शासित राज्यों में, बांग्लादेशी होने के संदेह में बांग्ला भाषी मज़दूरों को गिरफ्तार करके उन्हें 'पीछे धकेलने' की कोशिश की जा रही है। तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा बांग्ला भाषियों का सफाया करने की साजिश कर रही है। यह बंगाल के खिलाफ एक बड़ी साजिश है। ऐसे अशांत समय में, मुख्य सचिव मनोज पंत ने रांची में शिखर बैठक में अपने ओडिशा समकक्ष और केंद्रीय गृह सचिव के सामने इस मुद्दे को उठाया और मानवीय सहायता की मांग की।

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