कोलकाता: राज्यभर में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित फसलों के नुकसान का विस्तृत सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है। जिन किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनके लिए राज्य सरकार बांग्ला शस्य बीमा योजना के अंतर्गत मुआवज़ा प्रदान करती है।
इसी योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए हाल ही में नवान्न में कृषि मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कृषि सचिव ओंकार सिंह मीणा और विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों ने जिलाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में किसानों की उपस्थिति में किए जा रहे नुकसान-आकलन कार्य की सराहना की गयी, साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को चेताया गया कि राज्य का कोई भी योग्य और प्रभावित किसान मुआवज़े से वंचित न रहे। ख़रीफ मौसम में जिन किसानों को आंशिक नुकसान हुआ है, उनके बैंक खातों में सात दिनों के भीतर राशि भेजने की समय-सीमा भी तय की गयी। खाद की कालाबाज़ारी रोकने के लिए भी अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए।
राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है, फिर भी क्षेत्रीय निरीक्षण बढ़ाने को कहा गया है। पीओएस मशीन में एंट्री के बिना खाद बिक्री करते पाए जाने पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। केंद्र द्वारा खाद के दाम बढ़ाए जाने की स्थिति में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।