

हनी ट्रैप केस में पुलिस की बड़ी सफलता
सतर्क रहें, साइबर उगाही से बचें: पुलिस
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : सीआईडी यूनिट (अपराध एवं आर्थिक अपराध शाखा), अंडमान एवं निकोबार पुलिस ने श्री विजयपुरम में संचालित एक संगठित हनी ट्रैप और उगाही नेटवर्क के संबंध में आपराधिक मामला दर्ज किया है। चार आरोपियों के विरुद्ध सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर शिकायतकर्ता को फंसाने, नशीला पदार्थ देने, अवैध रूप से बंधक बनाने तथा झूठे आपराधिक आरोपों की धमकी देकर यूपीआई लेनदेन के माध्यम से 50,000 रुपये की उगाही करने के आरोप में कार्रवाई की गई है। प्राप्त शिकायत के अनुसार पीड़ित का संपर्क ‘क्वैक क्वैक’ डेटिंग ऐप के माध्यम से एक महिला से हुआ, जिसके बाद व्हाट्सएप पर बातचीत जारी रही। दिनांक 7 फरवरी को पीड़ित को कॉफी के बहाने धनिखाड़ी जंक्शन के पास एक घर पर बुलाया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे शीतल पेय में नशीला पदार्थ दिया गया, जिससे वह अचेत हो गया। होश में आने पर उसने स्वयं को आंशिक रूप से निर्वस्त्र अवस्था में पाया, जहां दो महिलाएं और एक पुरुष मौजूद थे तथा कथित रूप से फोटो एवं वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। आरोपियों ने उसे झूठे आपराधिक मामले में फंसाने और सार्वजनिक हंगामा करने की धमकी दी। उसे अवैध रूप से रोके रखा गया और यूपीआई के माध्यम से 50,000 रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर चार आरोपियों 1) विनिता कुमारी (35 वर्ष), निवासी प्रोधरापुर, 2) मनजीत कौर उर्फ मनु (38 वर्ष), निजी कर्मी, निवासी धनिखाड़ी बिग बास्केट के पास, 3) रोशनी कुमारी उर्फ रिया उर्फ अलियाना (28 वर्ष), निवासी गराचरमा तथा 4) सम्राट बैरागी (38 वर्ष), निवासी धनिखाड़ी की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। बीएनएस 2023 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। वित्तीय लेनदेन की जांच तथा डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण जारी है। अंडमान एवं निकोबार पुलिस ने नागरिकों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफार्म पर अज्ञात व्यक्तियों से बातचीत करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की स्थिति में निकटतम थाने अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर तत्काल सूचना देने का आग्रह किया गया है। ऐसे किसी भी व्यक्ति से, जो इसी प्रकार के हनी ट्रैप, ब्लैकमेल या ऑनलाइन उगाही का शिकार हुआ हो, अपराध एवं आर्थिक अपराध शाखा (सीआईडी यूनिट) से तत्काल संपर्क कर कानूनी सहायता लेने की अपील की गई है। आम जनता से भी संगठित हनी ट्रैप नेटवर्क से संबंधित विश्वसनीय जानकारी साझा कर पुलिस की आंख और कान बनने का अनुरोध किया गया है। सूचनादाताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। संपर्क हेतु 232586, 112, 100 या 9474290250 पर संपर्क किया जा सकता है। इस प्रकार के मामलों की रोकथाम और उन्मूलन में जनसहयोग अत्यंत आवश्यक बताया गया है।