नकली दवा नेटवर्क पर शिकंजा, 5 करोड़ की नकली दवाएं बरामद

चेन्नई से एक और अभियुक्त गिरफ्तार
सांकेतिक तस्वीर
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डीएम फार्मा में कथित सरगना का साझेदार बताया जा रहा बालासुब्रमण्यम, सात दिन की एसआईटी हिरासत में

बेंगलुरु : अंतरराज्यीय नकली दवा मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बालासुब्रमण्यम के रूप में हुई है, जिसे मंगलवार को चेन्नई से पकड़ा गया। उसकी गिरफ्तारी कथित सरगना प्रशांत राजन बाबू (35) की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई है। प्रशांत को अजरबैजान से लौटने के बाद केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था।

पांच करोड़ की संदिग्ध दवाओं की बरामदगी से खुला नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, बालासुब्रमण्यम और प्रशांत राजन बाबू दवा कंपनी डीएम फार्मा में साझेदार थे। जांच में बालासुब्रमण्यम की कथित भूमिका नकली दवाओं के निर्माण और उनके वितरण में सामने आई है। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे पूछताछ के लिए सात दिन की एसआईटी हिरासत में भेज दिया गया।

सस्ती थोक दवाओं को महंगे विदेशी ब्रांड का रूप देने का आरोप

जांच में सामने आया है कि कथित नेटवर्क तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के दवा निर्माण केंद्रों से सस्ती थोक दवाएं खरीदता था। इसके बाद बिदादी स्थित परिसर में उन्हें नई शीशियों में भरकर कथित तौर पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों के महंगे आयातित ब्रांड के नाम से दोबारा पैक किया जाता था। इनमें मरीजों और आईसीयू में भर्ती रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक प्रमुख ब्रांड की कथित नकली दवाएं भी शामिल थीं।

फार्महाउस पर छापे में मिला दवाओं का बड़ा जखीरा

मामले का खुलासा 18 अगस्त को हुआ, जब राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बिदादी टोल गेट के पास एक फार्महाउस पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की संदिग्ध नकली और मियाद खत्म हो चुकी दवाएं जब्त की गईं।

अस्पतालों तक पहुंची दवाएं? सप्लाई चेन खंगाल रही SIT

छापेमारी के बाद मामले की तह तक जाने के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। अब जांच का फोकस कथित नकली दवाओं की पूरी सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन और अंतरराज्यीय वितरण नेटवर्क पर है। SIT यह भी पता लगाने में जुटी है कि ये दवाएं किन अस्पतालों, क्लीनिकों और अन्य चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाई गईं।

मुख्य आरोपी से लगातार पूछताछ, अन्य की भूमिका भी जांच के घेरे में

प्रशांत राजन बाबू 7 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में है। उससे कथित नकली दवा निर्माण और वितरण नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। इस मामले में बेंगलुरु स्थित एक स्वास्थ्य सेवा कंपनी के मालिक को भी SIT पहले गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस के अनुसार, जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े अन्य आरोपियों तथा कथित वितरण नेटवर्क के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।

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