नयी दिल्ली : चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में एक संक्षिप्त समारोह में 67 वर्षीय राधाकृष्णन को शपथ दिलायी।
अंग्रेजी में शपथ ली
लाल कुर्ता पहने राधाकृष्णन ने ईश्वर के नाम पर अंग्रेजी में शपथ ली। राष्ट्रपति मुर्मू ने शपथ लेने के बाद राधाकृष्णन को बधाई दी। राधाकृष्णन ने मंगलवार को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। शपथ ग्रहण समारोह में जगदीप धनखड़ भी शामिल हुए, जिन्होंने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों से अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था।
धनखड़ इस्तीफा देने के बाद पहली बार नजर आये
धनखड़ इस्तीफा देने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आये। वे अगली पंक्ति में अपने पूर्ववर्ती वेंकैया नायडू के बगल में बैठे थे और उनसे बातचीत करते देखे गये। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी नायडू के बगल में बैठे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा पहली पंक्ति में बैठे थे। समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी उपस्थित थे।
11 सितंबर, 2030 तक इस पद पर बने रहेंगे
धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। संविधान के अनुसार मृत्यु या इस्तीफे के कारण उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित नये उपराष्ट्रपति को पूरे पांच साल का कार्यकाल मिलेगा। इसलिए राधाकृष्णन 11 सितंबर, 2030 तक इस पद पर बने रहेंगे। राधाकृष्णन ने बाद में राज्यसभा के सभापति के रूप में पदभार भी ग्रहण किया। राधाकृष्णन ने संसद भवन परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की, जहां राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्रियों अर्जुन राम मेघवाल तथा एल मुरुगन ने उनका स्वागत किया।