21 जुलाई शहीद दिवस से पहले ममता-अभिषेक को कोर्ट का नोटिस, बढ़ी मुश्किलें

धर्मतला में सड़क रोककर कार्यक्रम करने पर अवमानना का मामला, 3 जुलाई को अगली सुनवाई
21 जुलाई शहीद दिवस से पहले ममता-अभिषेक को कोर्ट का नोटिस, बढ़ी मुश्किलें
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के वार्षिक ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम से पहले पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धर्मतला में सड़क रोककर कार्यक्रम आयोजित करने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने दोनों नेताओं के खिलाफ अदालत की अवमानना मामले में नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने यह आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।

हर साल 21 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस धर्मतला स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने ‘शहीद दिवस’ मनाती है। यह दिन 1993 में राइटर्स बिल्डिंग अभियान के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद में मनाया जाता है। उस समय ममता बनर्जी युवा कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष थीं।

2011 में राज्य की सत्ता में आने के बाद तृणमूल के इस कार्यक्रम का आकार लगातार बढ़ता गया। पार्टी लंबे समय से धर्मतला में सड़क पर ही यह सभा आयोजित करती रही है।

दरअसल, 2018 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि किसी सरकारी जगह को बंद कर सभा या जुलूस आयोजित नहीं किया जा सकता। आरोप है कि इसके बावजूद हर साल 21 जुलाई को धर्मतला में सड़क बंद कर कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा।

इसी को लेकर अदालत में अवमानना याचिका दायर की गई थी। अब हाईकोर्ट के नोटिस के बाद तृणमूल नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है।

इस बीच, इस साल के शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर पार्टी के अंदर भी चर्चाएं तेज हैं। हालिया राजनीतिक बदलावों और संगठन में उठापटक के बीच कार्यक्रम को लेकर तृणमूल के भीतर मतभेद की अटकलें लगाई जा रही हैं।

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