नदिया में दंपति पर दो देशों की नागरिकता का आरोप

सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग का खुलासा
Couple in Nadia accused of having dual citizenship
सांकेतिक फोटो nadia
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया : नदिया जिले के बगुला इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने क्षेत्र में तीव्र आक्रोश और राजनीतिक बहस छेड़ दी है। एक दंपति पर भारत और बांग्लादेश दोनों देशों की नागरिकता और मतदाता सूची में नाम रखने का गंभीर आरोप लगा है। इतना ही नहीं, यह दंपति कथित तौर पर बांग्लादेश के एक स्कूल में शिक्षक होने के बावजूद, भारत में रहते हुए यहां की सभी सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का अवैध रूप से लाभ ले रहा है।

इस पूरे मामले का खुलासा कृष्णगंज की निवासी मौसमी विश्वास ने किया है। मौसमी ने अपने पति विश्वजीत विश्वास और अपने ससुराल वालों के खिलाफ कृष्णगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मौसमी का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि उनके ससुराल वाले कई अहम जानकारियां छिपा रहे थे।

आरोपों का विवरण

मौसमी की शिकायत के अनुसार, उनकी ननद शिउली विश्वास और उनके पति बांग्लादेश के गोपालगंज-ओराकांडी के निवासी हैं और पेशे से दोनों स्कूल शिक्षक हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि ननद और उनके पति दोनों देशों की मतदाता सूची (Voter List) में शामिल हैं।

शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उनकी ननद अपनी दोहरी पहचान का फायदा उठाकर पश्चिम बंगाल सरकार की लोकप्रिय योजना 'लक्ष्मी भंडार' सहित राज्य सरकार द्वारा दी जा रही अन्य सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रही हैं। मौसमी ने यह भी आरोप लगाया कि दंपति ने अपने दो बच्चों का दाखिला नदिया के गाड़ापोता के एक प्राथमिक विद्यालय में कराया है, जबकि बच्चे बांग्लादेश में रहते और पढ़ते हैं। उनका आरोप है कि हर साल बच्चे बिना किसी रुकावट के अगली कक्षा में पास होते जा रहे हैं। मौसमी ने अपने ससुराल वालों पर उन्हें अंधेरे में रखकर शादी कराने का भी आरोप लगाया है।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

यह मामला सामने आते ही स्थानीय राजनीति में उबाल आ गया है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ने ही इस धोखाधड़ी पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय तृणमूल नेता अनूप दास ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ये आरोप सत्य साबित होते हैं, तो प्रशासन को तुरंत कठोर कदम उठाने चाहिए, क्योंकि एक ही व्यक्ति का दो देशों की नागरिकता का लाभ लेना घोर अन्याय है।

वहीं, स्थानीय भाजपा नेता अमित प्रमाणिक ने मौसमी की शिकायत का समर्थन करते हुए कहा कि "जिस आशंका के चलते एसआईआर (वोटर लिस्ट का विशेष गहन संशोधन) की प्रक्रिया शुरू की गई है, यह मामला उसी को सही साबित करता है।" उन्होंने जोर दिया कि दो देशों की नागरिकता का दुरुपयोग करके सरकारी लाभ लेना देश और राज्य के कानूनों का उल्लंघन है और इस पर त्वरित जांच होनी चाहिए।

पुलिस ने मौसमी की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है, जिससे इस चौंकाने वाले नागरिकता विवाद की सच्चाई सामने आ सके।

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