New Delhi
IMF की वार्षिक बैठक में वित्त मंत्री

शहरों को निवेश के लायक बनाने के लिए सार्वजनिक-निजी पूंजी का समन्वय जरूरी : सीतारमण

विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की वार्षिक बैठक में बोलीं वित्त मंत्री
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नयी दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि भारत में वित्तीय रूप से टिकाऊ और निवेश आकर्षित करने में सक्षम शहर विकसित करने के लिए सार्वजनिक निवेश, नगर निकायों की मजबूत वित्तीय स्थिति, विकास वित्त और निजी पूंजी का समन्वय जरूरी है। सीतारमण ने थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की वार्षिक बैठकों के दौरान शहरी विकास कार्यक्रमों पर अपने संबोधन में कहा कि शहरों को ऐसी परियोजनाएं तैयार करनी चाहिए, जिनमें निवेश करना वित्तीय रूप से व्यवहार्य हो। उन्होंने कहा, ‘इसके लिए तकनीकी रूप से मजबूत योजनाएं, मांग का यथार्थ आकलन, परियोजना की पूरी अवधि की लागत का अनुमान और विश्वसनीय खरीद एवं क्रियान्वयन व्यवस्था जरूरी है।’वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ मिलकर विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं के जरिये शहरी सेवाओं में सार्वजनिक निवेश का व्यापक ढांचा तैयार किया है। इनमें अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत), स्मार्ट सिटी मिशन और स्वच्छ भारत मिशन शामिल हैं। सीतारमण ने कहा कि पिछले आठ-नौ वर्षों में शुरू की गई विभिन्न योजनाओं से जरूरी शहरी सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण में मदद मिली है। 'शहरी चुनौती कोष' के तहत एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का प्रावधान किया गया है, जिसका लक्ष्य कुल चार लाख करोड़ रुपये का शहरी निवेश आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि शहरों को परियोजनाओं के मूल्यांकन और शासन, नियोजन तथा नगर निकायों के वित्त से जुड़े सुधारों की प्रतिबद्धता के आधार पर प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिये सहायता दी जाती है। सीतारमण ने कहा कि 2026-27 के बजट में घोषित शहरी आर्थिक क्षेत्र की पहल सुधारों को क्षेत्रीय विकास से जोड़ती है। इसके तहत प्रत्येक शहरी आर्थिक क्षेत्र के लिए पांच साल में 5,000 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। यह धन प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया और सुधारों तथा परिणामों पर आधारित वित्तपोषण के जरिये दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय नियोजन से भूमि का बेहतर इस्तेमाल, बुनियादी ढांचे और सेवाओं के दोहराव में कमी तथा स्वामित्व, भुगतान और रखरखाव की स्पष्ट जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकती है। वित्त मंत्री ने कहा कि बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने और सभी वर्गों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक निवेश महत्वपूर्ण है। वहीं, बाजार से जुड़े और सुधार-आधारित निवेश अतिरिक्त पूंजी जुटाने तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाने में मदद कर सकते हैं।

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