नेत्रदान करने पर विवाद, बेटे पर लगा कॉर्निया बेचने का आरोप !

बेटा सहित परिवार के 5 सदस्य गिरफ्तार
Controversy erupts over eye donation; son accused of selling the cornea.
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया : नदिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अपनी मृत मां का नेत्रदान (Cornea Donation) करने वाले एक शिक्षक और समाजकर्मी को अपनी ही मां की 'आंखें बेचने' के आरोप में पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। इस घटना को लेकर पूरे इलाके में भारी तनाव और सनसनी फैल गई है।

क्या है पूरा विवाद?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कृष्णनगर के सेनपुर श्यामनगर पाड़ा की निवासी राबेया बीबी की रविवार को वृद्धावस्था के कारण मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के तुरंत बाद, एक स्वयंसेवी संस्था के सदस्य डॉक्टरों के साथ उनके घर पहुंचे और मृतका की कॉर्निया (नेत्रदान की प्रक्रिया के तहत) ले गए। जैसे ही पड़ोसियों को इसकी भनक लगी, इलाके में यह अफवाह फैल गई कि परिवार ने मृतदेह के अंग बेच दिए हैं।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

स्थानीय लोगों के भारी विरोध और हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के बेटे आमिर चांद (जो पेशे से शिक्षक और समाजकर्मी हैं), उनकी दो बेटियों और बहू सहित परिवार के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि परिवार ने अवैध रूप से कॉर्निया का सौदा किया है और वे इसके समर्थन में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए।

समाजकर्मी और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का विरोध

दूसरी ओर, गिरफ्तार आमिर चांद ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि उनकी मां ने मृत्यु से पहले नेत्रदान की इच्छा जताई थी और उनके पास मेडिकल कॉलेज के सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं: उन्होंने पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई की तीखी आलोचना की है।उनका कहना है कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के बजाय, पुलिस ने एक नेक काम करने वाले समाजकर्मी को ही सलाखों के पीछे डाल दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि की जा रही है। इस घटना ने अंगदान जैसे संवेदनशील विषय पर सामाजिक अज्ञानता और पुलिसिया कार्रवाई के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।

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