मदरसों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलती रही हैं : दिलीप घोष

जिन मदरसों के पास जरूरी मंजूरी है, वे संचालित होते रहेंगे
मदरसों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलती रही हैं : दिलीप घोष
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यव्यापी सर्वेक्षण के बाद 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है और करीब 100 अन्य को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। सर्वेक्षण में पाया गया कि इनमें से कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी नहीं थी और वहां बुनियादी ढांचे का भी अभाव था। अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग के मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि जिन मदरसों के पास जरूरी मंजूरी है, वे संचालित होते रहेंगे। राज्य के पंचायत और ग्रामीण उन्नयन मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि मदरसों को लेकर कई विवाद सामने आए हैं और दावा किया कि कई मामलों में चरमपंथी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार लोगों के कुछ ऐसे संस्थानों में शिक्षक के रूप में काम करने की बात सामने आई थी। उन्होंने कहा, ‘‘मदरसों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलती रही हैं। ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां मदरसों से लोग राष्ट्रविरोधी गतिविधियां संचालित कर रहे थे। कानून के मुताबिक और सरकार की अनुमति से संचालित मदरसे काम करते रहेंगे, लेकिन सरकार मदरसों को मनमाने ढंग से खोले जाने और परेशानी पैदा करने की अनुमति नहीं देगी।’’ वहीं विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि सभी मदरसों को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।

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