अंडमान में डीम्ड यूनिवर्सिटी फैसले पर कांग्रेस का कड़ा विरोध

अंडमान में डीम्ड यूनिवर्सिटी के फैसले की कांग्रेस ने की कड़ी आलोचना
अंडमान में डीम्ड यूनिवर्सिटी फैसले पर कांग्रेस का कड़ा विरोध
Published on

स्थानीय छात्रों के भविष्य पर खतरा: टीएसजी भास्कर ने जताई चिंता

छात्र आंदोलनों का समर्थन करते हुए कांग्रेस ने दी एकजुटता की अपील

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार टेरिटोरियल कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को द्वीपों के कॉलेजों को नवगठित डीम्ड यूनिवर्सिटी से संबद्ध करने के निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “गैर-पारदर्शी” और स्थानीय छात्रों के शैक्षणिक भविष्य के लिए हानिकारक करार दिया। इस विषय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को विस्तार से संबोधित करते हुए अंडमान एवं निकोबार टेरिटोरियल कांग्रेस कमेटी के कैंपेन कमेटी के चेयरमैन एवं टीएसजी फाउंडेशन के अध्यक्ष टीएसजी भास्कर ने अपने विचार रखे। मीडिया से बातचीत के दौरान भास्कर ने कहा कि डीम्ड यूनिवर्सिटी की शुरुआत को पानी की कमी, बिजली संकट, रोजगार आरक्षण और आधारभूत ढांचे जैसे ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तावित संस्थान में पारदर्शिता की कमी, पर्याप्त फैकल्टी की अनुपलब्धता और अधूरे इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण द्वीपों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले स्थानीय छात्रों को नए सिस्टम के तहत अधिक आर्थिक और शैक्षणिक अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।

जेएनआरएम सहित अन्य कॉलेजों में जारी छात्र आंदोलनों का उल्लेख करते हुए श्री भास्कर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के राजनीतिक रूप से निष्पक्ष रहने के निर्णय का सम्मान करती है, साथ ही उनके मुद्दों को नैतिक और संगठनात्मक समर्थन देना जारी रखेगी। उन्होंने आगे बताया कि पार्टी कानूनी विकल्पों की भी तलाश कर रही है, जिसमें जनहित याचिका दायर करने की संभावना भी शामिल है, जिसके लिए विधि विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा रहा है। भास्कर ने कहा कि कानूनी रास्ता अपनाने से इस मुद्दे के समाधान के लिए समयबद्ध ढांचा मिल सकता है और व्यापक हितधारकों से परामर्श होने तक डीम्ड यूनिवर्सिटी के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की जा सकती है।

वार्ता के अंत में अंडमान एवं निकोबार टेरिटोरियल कांग्रेस कमेटी नेताओं ने छात्रों और अभिभावकों के साथ अपनी एकजुटता दोहराते हुए नागरिक समाज संगठनों, शैक्षणिक हितधारकों और द्वीपवासियों से एकजुट रहने की अपील की, ताकि उच्च शिक्षा से जुड़े निर्णय पारदर्शिता और व्यापक विचार-विमर्श के साथ लिए जा सकें।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in