यौन उत्पीड़न की शिकायत

यौन उत्पीड़न की शिकायत तीन माह के अंदर करनी पड़ेगी
यौन उत्पीड़न की शिकायत
Published on: 

हाई कोर्ट ने खारिज की राज्य सरकार की अपील

जितेंद्र ,सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : हाई कोर्ट के जस्टिस मधुरेश प्रसाद और जस्टिस प्रसेनजीत विश्वास ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी है। ट्रिब्यूनल के एक फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की तरफ से यह अपील दायर की गई थी। ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा था कि यौन उत्पीड़नकी की शिकायत घटना के तीन माह के अंदर करनी पड़ेगी। यौन उत्पीड़न के खिलाफ एक कर्मचारी ने शिकायत दर्ज करायी थी। इसके बाद इंटर्नल कंप्लेंस कमेटी को यह मामला सौंपा गया था।

एक डीएसपी के खिलाफ यह शिकायत की गई थी। जांच के बाद इंटर्नल कंप्लेंस कमेटी की तरफ से रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इस रिपोर्ट के खिलाफ ट्राइब्यूनल में शिकायत दर्ज करायी गई थी। ट्राइब्यनल ने अपने फैसले में कहा था कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत तीन माह के अंदर की जानी चाहिए थी। सीआईडी कार्यालय में तैनात एक डाटा ऑपरेटर ने डीएसपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी। इसमें कहा गया था कि डीएसपी ने कई बार उसके शरीर पर हाथ लगाने के साथ ही कमर को भी अपने बाजुओं के घेरे में लिया था। इस तरह की घटना 2021 के सितंबर से लेकर 2022 की जुलाई के बीच कई बार घटी थी। एक बच्चा होने के कारण डर की वजह से वह खामोश रह गई थी। यह शिकायत 2023 की जनवरी में दर्ज करायी गई थी। इस मामले में आईसीसी की तरफ से दाखिल रिपोर्ट में विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। इसके खिलाफ ट्राइब्यूनल में अपील की गई थी। ट्राइब्यूनल ने देर का हवाला देते हुए रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ ही हाई कोर्ट में अपील की गई थी।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in