कामर्शियल एलपीजी हुई महंगी, होटल-ढाबा संचालक संकट में

महंगाई की आंच अब आम लोगों की थाली तक पहुंची
कामर्शियल एलपीजी हुई महंगी, होटल-ढाबा संचालक संकट में
Published on

सस्ता भोजन देना हो रहा मुश्किल, बढ़ेगी खाने की कीमत

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की थाली तक दिखने लगा है। 1 अप्रैल से लागू नयी दरों के अनुसार 19 किलोग्राम वाले कामर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2,012.50 रुपये से बढ़कर 2,208 रुपये हो गई है यानी एक झटके में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी। यह लगातार दूसरी बड़ी वृद्धि है, जिसने होटल, रेस्तरां और खासकर छोटे खाद्य व्यवसायियों की कमर तोड़ दी है। फुटपाथ पर खाना बेचने वाले सैकड़ों विक्रेता अब बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। खुले चूल्हों पर रोक के कारण ये पूरी तरह एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं।

होटल रेस्तरां उद्योग पर गैस की कीमतों का दबाव

होटल और रेस्तरां उद्योग भी इस बढ़ोतरी से अछूता नहीं है। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ ईस्टर्न इंडिया के प्रेसिडेंट सुदेश पोद्दार ने बताया कि “हाल के महीनों में LPG की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी हुई है। अब हमें 195 रुपये से अधिक अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। गैस की आपूर्ति भी प्रभावित है, जिससे कामर्शियल गैस 30-40% तक ही मिल रही है। उन्होंने बताया कि कई प्रतिष्ठान अब 50-60% तक इंडक्शन कुकिंग पर निर्भर हो चुके हैं, लेकिन यह पूरी तरह समाधान नहीं है। बढ़ती लागत के चलते एसोसिएशन ने मेन्यू के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है, जिसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ेगा।

फुटपाथ पर होटल संचालक अब संकट में घिरे

फुटपाथ पर लाइन लगाकर सस्ते भोजन का इंतजाम करने वाले ये छोटे विक्रेता शहर की लाइफलाइन माने जाते हैं, लेकिन अब बढ़ती गैस कीमतों ने उनके मुनाफे को लगभग खत्म कर दिया है। कई होटल संचालकों का कहना है कि अगर यही हाल रहा, तो या तो उन्हें खाने की कीमत बढ़ानी पड़ेगी या फिर कारोबार बंद करने की नौबत आ सकती है।

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, पर कब तक?

हालांकि इस बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे, तो घरेलू गैस भी जल्द महंगी हो सकती है। गौरतलब है कि हर महीने की पहली तारीख को होने वाली मूल्य समीक्षा अब कारोबारियों के लिए चिंता का कारण बन गई है। अगर यही रुख जारी रहा, तो सस्ता और किफायती खाना उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाएगा।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in