

कोलकाता : SIR की सुनवाई 14 फरवरी तक बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संगठन को अंतिम तीन दिनों में युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया। सूत्रों के अनुसार, मंगल और बुधवार शाम नवान्न से लौटने के बाद उन्होंने कालीघाट स्थित आवास में भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के काउंसिलर, बीएलए-1 और बीएलए-2 तथा सोनारपुर, डायमंड हार्बर और बारुईपुर के पार्षदों और बीएलओ के साथ अहम संगठनात्मक बैठक की। बैठक में मंत्री फिरहाद हकीम और देवाशीष कुमार भी मौजूद थे। इस बैठक में लगभग 300 लोग शामिल हुए।
किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं
ममता ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिये कि SIR के अंतिम चरण में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों तक ‘मैन मार्किंग’ की रणनीति अपनाते हुए घर-घर जाकर सूची मिलान करना होगा। नए मतदाताओं के पंजीकरण, सुनवाई में शामिल न हो पाने वाले और जिनके नाम कटने की संभावना है, उनका विवरण दर्ज करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में एक भी वैध मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए।
हर गली और मोहल्ले की जांच करें
उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे हर गली और मोहल्ले की जांच करें, लोगों के घर जाकर समस्या का पता लगाएं और किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्ट दें। ममता ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा भाजपा के इशारे पर किये जाने वाले कामकाज पर नजर रखनी होगी, हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बाहरी माइक्रो ऑब्जर्वरों की शक्तियां सीमित हो गई हैं। अंतिम निर्णय ईआरओ करेंगे, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।
भाजपा को एक इंच भी जमीन नहीं लेने दी जाएगी
बैठक में ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और कहा कि भाजपा को एक इंच भी जमीन नहीं लेने दी जाएगी। उन्होंने बीएलए और काउंसिलरों से कहा कि इस अंतिम चरण में पूरी निष्ठा और सतर्कता के साथ काम करें ताकि हर नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहे।