देहरादून/गोपेश्वर : उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में गुरुवार तड़के चार स्थानों पर बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कुंतरी और धुरमा गांवों में एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित 14 लोग लापता हो गये और 20 अन्य घायल हो गये।
मंगल को देहरादून में फटा था बादल
उत्तराखंड में दो दिन में दूसरी बार बादल फटा है। गत बुधवार (17 सितंबर) की रात चमोली जिले के नंदानगर घाट में बादल फटा। दो दिन पहले ही बादल फटने और भारी बारिश के कारण बाढ़ व भूस्खलन की घटनाओं में देहरादून में भारी तबाही हुई थी, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गयी और 17 अन्य लापता हो गये थे।। देहरादून से मसूरी का 35 किलोमीटर का रास्ता कई जगह क्षतिग्रस्त है। इसके कारण मसूरी में 2500 पर्यटक लगातार तीसरे दिन फंसे हुए हैं।
आपदा से 200 से अधिक लोग प्रभावित हुए
देहरादून में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर नंदानगर में अतिवृष्टि से उत्पन्न हालात की जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संवाददाताओं को बताया कि नंदानगर के चार अलग-अलग स्थान कुंतरी लगा फाली, कुंतरी लगा सरपाणीं, सेरा और धुर्मा में बादल फटने और भारी मात्रा में मलबा आने से 35 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये और कई दुकानों व गोशालाओं को नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं में 14 लोग लापता हैं और लगभग 20 लोग घायल हुए हैं। इस आपदा से 200 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस सहित विभिन्न एजेंसियां मौके पर पहुंच चुकी हैं।
घरों में फंसे लोगों को निकालने के प्रयास जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भेजा जा रहा है। इसमें एक बच्चा भी शामिल है जिसे सिर में चोट आयी है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में कुछ लोग अभी भी अपने घरों में फंसे हुए हैं, जिन्हें वहां से निकालने की कार्रवाई जारी है। एक सवाल के जवाब में धामी ने कहा कि जब तक मानसून पूरी तरह से थम नहीं जाता, तब तक सभी जिलों के आपदा प्रबंधन से जुड़े लोग और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित सभी एजेंसियां अलर्ट पर रहेंगी। चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मौके पर एक मेडिकल टीम और तीन एम्बुलेंस भेजी गयी हैं।