निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बशीरहाट : उत्तर 24 परगना के स्वरूपनगर में 'एसआईआर' (SIR) के मुद्दे पर राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। यहाँ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बीडीओ कार्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया, जिससे पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन यानी एसआईआर (SIR) को लेकर जारी विवाद अब हिंसक रूप लेने लगा है। उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में बीडीओ (BDO) कार्यालय के सामने जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने न केवल सरकारी कामकाज ठप करने की कोशिश की, बल्कि कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने आग जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान आम जनता को हो रही कथित परेशानी और इस 'खौफ' से हो रही मौतों का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन इतना उग्र था कि:
कार्यकर्ताओं ने बीडीओ कार्यालय का मुख्य द्वार (मेन गेट) तोड़ने का प्रयास किया।
सुरक्षा में तैनात सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।
पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को प्रदर्शनकारियों ने तोड़ दिया और परिसर के भीतर घुसने की कोशिश की।
अचानक लगी आग और हंगामे के कारण सरकारी कर्मचारी और वहां मौजूद आम लोग जान बचाकर भागते नजर आए। काफी देर तक पूरा क्षेत्र तनावपूर्ण बना रहा और कामकाज पूरी तरह बाधित रहा।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि एसआईआर और मतदाता सूची में सुधार के नाम पर लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उनके अनुसार, दस्तावेजों की जांच और सुनवाई के डर से लोग मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं, जिससे कई इलाकों में लोगों की मृत्यु की खबरें भी सामने आ रही हैं। इसी 'उत्पीड़न' को बंद करने की मांग को लेकर टीएमसी ने यह आंदोलन बुलाया था।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वरूपनगर थाने की पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जबरदस्त धस्ताधस्ती (हाथापाई) हुई। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को गेट से पीछे खदेड़ा। अंत में, टीएमसी नेताओं ने बीडीओ को एक डेपुटेशन (ज्ञापन) सौंपा, जिसमें आम जनता की परेशानी तुरंत दूर करने और सुनवाई प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस इलाके में गश्त कर रही है और स्थिति नियंत्रण में है।