

दुबई : ईरान में ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाते हुए दो हवाई हमलों का दावा सामने आया है। यह जानकारी रिवोल्यूशनरी गार्ड से करीबी संबंध रखने वाली अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने मंगलवार तड़के दी। रिपोर्ट के अनुसार, हमलों में देश के महत्वपूर्ण गैस और बिजली ढांचे को निशाना बनाया गया।
समाचार एजेंसी के मुताबिक, पहला हमला इस्फ़हान में हुआ, जहां प्राकृतिक गैस से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। दूसरा हमला खुर्रमशहर स्थित एक बिजली संयंत्र के लिए बनी गैस पाइपलाइन पर किया गया। इन हमलों से हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इन्हें देश के ऊर्जा नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले नहीं करने के लिए दी गई समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। इस बयान के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर कयास लगाए जा रहे थे, और अब इन हमलों की खबर ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
सोमवार को क्षेत्र में हुए इन हमलों की जिम्मेदारी अब तक किसी ने नहीं ली है। न तो इजराइल और न ही संयुक्त राज्य अमेरिका ने इन हमलों को अंजाम देने की पुष्टि की है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि दोनों देश कई बार अपने सैन्य अभियानों की आधिकारिक पुष्टि नहीं करते हैं।
इस बीच, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन ऊर्जा प्रतिष्ठानों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया था या फिर क्षेत्र में अन्य संभावित लक्ष्यों पर हुए हमलों के दौरान इन्हें नुकसान पहुंचा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया गया है, तो इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है, न केवल ईरान की अर्थव्यवस्था पर बल्कि पूरे क्षेत्र की ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर भी।
फिलहाल, स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है, जिससे यह पता चल सकेगा कि इन हमलों के पीछे कौन जिम्मेदार है और इसके क्या व्यापक असर हो सकते हैं।