

नयी दिल्ली : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर आगामी शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सहित कई संगठनों द्वारा बुलाये गये प्रदर्शन से पहले नयी दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है। दिल्ली पुलिस ने CJP को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार करते हुए न केवल अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है, दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों को बंद कराने का ऐलान भी किया है। इसके अलावा नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली कल की ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया है ताकि दूसरे राज्यों से प्रदर्शनकारी दिल्ली न पहुंचे। इसके साथ-साथ 23 हजार से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों को राजधानी में तैनात किया है।
तो पूरे देश को बंद कर दे सरकार.. : दिपके
प्रदर्शन से एक दिन पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को केंद्र की आलोचना करते हुए कहा कि अगर सरकार युवाओं से डरी हुई है तो उसे पूरे देश को बंद कर देना चाहिए। दिपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए सरकार की अनुमति की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है। CJP नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका ने इन पाबंदियों को लेकर सरकार का मजाक उड़ाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो माहौल बना रहे हैं, वह बहुत अच्छा है। इमरजेंसी के दौरान भी बंद नहीं किया था।
यह देश में अघोषित आपातकाल : बोरा
इस बीच वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने देशवासियों से बड़ी अपील की है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि जैसे 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अंग्रेजों ने आंदोलनकारियों को बड़े पैमाने पर गिरफ्तार किया था, बावजूद इसके आंदोलन नहीं रुका था। उसी तरह इस प्रदर्शन से पहले भी लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है, दिल्ली आने से रोका जा रहा है लेकिन सरकार की इन कोशिशों के बावजूद ये आंदोलन रुकने वाला नहीं है। बोरा ने कहा कि हम हार नहीं मानेंगे। देश के लोकतंत्र और अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। जीत जनता की होगी! अगर हम सब कल गिरफ्तार हो जाते हैं, तो आपलोग, जो जंतर-मंतर की तरफ कूच करने जा रहे हैं, आपको इस आंदोलन का नेतृत्व करना है। आपको जहां रोका जाये वहीं धरने पर बैठ SIR वापस लेने की मांग करते रहिए। ज्ञानेश कुमार को जाना होगा। सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी ही होगी।
जंतर-मंतर पर निषेधाज्ञा लागू : दिल्ली पुलिस
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करने वजह बतायी कि संगठन द्वारा पहले किये गये प्रदर्शन के दौरान कानूनी निर्देशों और अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया गया। नयी दिल्ली रेंज की संयुक्त पुलिस आयुक्त (JCP) नूपुर प्रसाद ने कहा कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए CJP के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ था। प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गयी थी जबकि निर्धारित दिशानिर्देशों के तहत प्रस्तावित प्रदर्शन से कम से कम 10 दिन पहले इसकी सूचना देना जरूरी है। प्रसाद ने यह भी कहा कि नयी दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाये रखने के लिए एहतियाती प्रतिबंध लगाये गये हैं।
युवाओं से डरी सरकार : विपक्ष
इस बीच विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के कई नेताओं ने ट्रेनें रद्द किये जाने की आलोचना की और आरोप लगाया कि मोदी सरकार युवाओं से डर गयी है। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने कहा कि सरकार ने युवाओं से डरे होने के कारण यह कदम उठाया है। माकपा ने इन पाबंदियों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ओब्रायन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पूर्व रेलवे की उस घोषणा को साझा किया, जिसमें हावड़ा-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और सियालदह-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को रद्द किये जाने की जानकारी दी गयी थी। इन ट्रेनों को शुक्रवार को रवाना होकर शनिवार को दिल्ली पहुंचना था। उन्होंने कहा कि यह भारत के युवाओं की बड़ी जीत है।