

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : दैनिक वेतनभोगी मजदूरों के नियमितीकरण से संबंधित उच्च न्यायालय के मामले में मिली सफलता का जश्न मनाने के लिए सीटू ने मंगलवार को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के विभिन्न क्षेत्रों में विजय रैलियों का आयोजन किया। केंद्रशासित प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सैकड़ों श्रमिक सड़कों पर उतरे और विजय का उत्सव मनाते हुए मांग की कि उच्च न्यायालय के आदेश को तत्काल लागू किया जाए, सभी दैनिक वेतनभोगी मजदूर, संविदा, आउटसोर्स तथा अंशकालिक कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए, ग्राम पंचायतों और वन विभाग में कार्यरत सभी डीआरएम को 1/30वां वेतन एवं महंगाई भत्ता दिया जाए, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि की जाए तथा द्वीपों के महाविद्यालयों को पांडिचेरी विश्वविद्यालय से संबद्ध बनाए रखा जाए और डीम्ड यूनिवर्सिटी का प्रस्ताव वापस लिया जाए। मुख्य कार्यक्रम श्री विजयपुरम में आयोजित किया गया, जहां डेलानीपुर जंक्शन से विजय रैली निकाली गई, जो नगर के प्रमुख स्थानों से होते हुए एबरडीन बाजार स्थित नगर परिषद मुख्यालय के समक्ष संपन्न हुई। विजय रैली के समापन पर श्रमिकों को संबोधित करते हुए सीटू के महासचिव बी. चंद्रचूड़न ने दैनिक वेतनभोगी मजदूरों के नियमितीकरण पर उच्च न्यायालय के आदेश की जानकारी दी तथा पिछले तीन दशकों से सड़कों और न्यायालयों में चलाए गए संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने केंद्र सरकार से बिना किसी देरी के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू करने की मांग की, क्योंकि अधिकांश दैनिक वेतनभोगी मजदूर पिछले 10 से 30 वर्षों से कार्यरत हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में तत्काल वृद्धि की भी मांग की और आंदोलनरत कॉलेज छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के छात्र डीम्ड यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा ग्रहण करने में सक्षम नहीं होंगे। विजय रैली का नेतृत्व राज्य अध्यक्ष आर. सुरेंद्रन पिल्लई, उपाध्यक्ष डी. अय्यप्पन और बीसी भट्टाचार्जी, राज्य समिति सचिव एसपी कलैराजन, आनंद राजन, एम. युगंदर और आर. राजेंद्रन