

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान और निकोबार आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन का पहला राज्य सम्मेलन 8 नवम्बर 2025 को पोर्ट ब्लेयर में आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस अंडमान एवं निकोबार राज्य समिति के महासचिव बी.चंद्रचूड़न ने की। उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार लगातार निजीकरण और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा देकर सरकारी संपत्तियों को कॉरपोरेट्स के हाथों में सौंप रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को अब तक ‘कर्मचारी’ के रूप में भी मान्यता नहीं दी गई है। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मचारियों से अपील की कि वे सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के बैनर तले एकजुट होकर अपने लंबित अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखें। सम्मेलन को संबोधित करते हुए सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस अंडमान एवं निकोबार राज्य समिति के उपाध्यक्ष डी. अय्यप्पन ने कहा कि मोदी सरकार के शासनकाल में योजना कर्मचारियों का भारी शोषण किया जा रहा है, क्योंकि उन्हें मात्र सम्मानजनक भत्ते के नाम पर बहुत कम राशि दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि अंडमान निकोबार में आशा कार्यकर्ताओं को केवल 2,000 रुपये प्रतिमाह और आंगनबाड़ी सहायकों को मात्र 8,000 रुपये प्रतिमाह का मानदेय दिया जाता है। उन्होंने मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायकों और आशा वर्कर्स को न्यूनतम वेतन दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि केरल की एलडीएफ सरकार आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी कर्मचारियों को देश में सर्वाधिक मानदेय और पेंशन सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करती है, जबकि भाजपा शासित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इन कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। यूनियन की अध्यक्ष गीता देवी ने अध्यक्षीय संबोधन दिया, जबकि विनिता कुमारी ने सम्मेलन में उपस्थित नेताओं और प्रतिभागियों का स्वागत किया। महासचिव आर. अन्बुक्करासी ने पिछले दो वर्षों की यूनियन की कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की और कोषाध्यक्ष फुलकारिया डुंग डुंग ने 2023 और 2024 का लेखा-जोखा पेश किया।