

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : CISF 28 जनवरी से अपना 25-दिवसीय 'CISF वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन 2026' का दूसरा एडिशन आयोजित करेगा, जिसमें भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों के 6,500 किमी. के इलाके को कवर किया जाएगा और किनारों पर सुरक्षा बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा। CISF के IG (NES) शिखर सहाय ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्यक्रम की जानकारी दी। इस मौके पर उनके साथ CISF के DIG (NEZ) के. पी. सिंह , AIG (NEZ) एस. एस. नेगी और DIG (CASO,ASG) अजय कुमार समेत कई गणमान्य अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान IG शिखर सहाय ने कहा कि साइक्लोथॉन के दूसरे एडिशन का मकसद तटीय आबादी को राष्ट्रीय उद्देश्यों से जोड़ना है।
फोर्स इन इलाकों के स्थानीय लोगों को तटीय सुरक्षा के बारे में भी जागरूक करेगा। 'CISF वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन 2026' का आयोजन 28 जनवरी से 22 फरवरी के बीच वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जाएगा। इस कार्यक्रम का थीम 'सुरक्षित तट, समृद्ध भारत' है। CISF के जवान भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों के किनारे ग्यारह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी साइकिलों पर लगभग 6,500 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।
बताया गया है कि इसमें कुल 135 साइकिलिस्ट भाग ले रहे हैं। दो टीमें एक साथ अपनी यात्रा शुरू करेंगी, 65 साइकिलिस्ट वेस्ट कोस्ट पर गुजरात के लखपत से और 65 साइकिलिस्ट ईस्ट कोस्ट पर साउथ 24 परगना के बकखाली से रवाना होंगे। वे सभी 22 फरवरी को केरल के कोच्चि में अपनी यात्रा समाप्त करेंगे। अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि इस कोस्टल साइक्लोथॉन में 50% से अधिक साइकिलिस्ट महिलाएं हैं।