छत्तीसगढ़ माओवादियों के आतंक से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा: राज्यपाल

माओवादियों के आतंक से मुक्ति की ओर छत्तीसगढ़ की तेज़ी से बढ़ती प्रगति
छत्तीसगढ़ माओवादियों के आतंक से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा: राज्यपाल
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रायपुर : छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने सोमवार को कहा कि प्रदेश माओवादियों के आतंक से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डेका ने विधानसभा के बजट के सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण के दौरान राज्य में हुए विकास कार्यों की जानकारी सदन को दी। राज्यपाल ने कहा, ‘‘जब आतंक का साया हट जाता है तो विकास का उजाला स्वतः ही फैल जाता है और लोगों का जीवन रोशन हो जाता है। हमने बीते दो वर्ष में माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता प्राप्त की है। दो वर्ष में 532 माओवादी मारे गए, 2,704 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 2,004 माओवादी गिरफ्तार किये गये।’’

उन्होंने कहा कि सरकार ने आत्मसमर्पण की बेहतर नीति बनाई है, जिसके फलस्वरूप, भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, हथियार छोड़कर संविधान की प्रति हाथों में थाम रहे हैं तथा प्रदेश माओवादी आतंक से मुक्ति की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जिन धुर नक्सल प्रभावित इलाकों को माओवाद से मुक्त किया गया है वहां ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।’’

डेका ने कहा कि सरकार ने बस्तर में विकास के लिए संपर्क सुविधा को विशेष प्राथमिकता दी है तथा 146 सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए 1,109 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 728 मोबाइल टॉवर चालू किए गए हैं और 449 मोबाइल टॉवर का 4जी में अद्यतन किया गया।’’ उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में 31 नयी प्राथमिक शालाएं और 19 उपस्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किये गये हैं।’’

डेका ने कहा, ‘‘इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है।’’

डेका ने कहा कि पिछले दो वर्ष में सरकार ने प्रदेश में 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता की वृद्धि की है, जिससे राज्य में कुल विकसित सिंचाई क्षमता 21 लाख 76 हजार हेक्टेयर हो गई है। उन्होंने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से हर महीने एक-एक हजार रुपए की राशि प्रदेश की लगभग 69 लाख महिलाओं के खाते में जमा की जा रही है और सरकार ने लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 24 किश्त में 15,596 करोड़ रूपए जमा किए हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार ‘धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा’ की संकल्पना को पूरा करने के लिए जनजातीय विकास की दिशा में तत्परता से कार्य कर रही है तथा ‘पीएम जनमन योजना‘ एवं ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए गौरव की बात है कि देश के पहले खेलो इंडिया जनजातीय खेल की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है। इन खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदर जनजातीय संस्कृति की झलक भी देश दुनिया को दिखेगी।’’

राज्यपाल ने जलवायु परिवर्तन को एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इससे निपटने के लिए सरकार वन क्षेत्र का दायरा बढ़ाने को लेकर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत वन स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में वन एवं वृक्ष आवरण क्षेत्र में 683 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जो देश में सर्वाधिक है। डेका ने कहा, ‘‘नयी औद्योगिक नीति के कारण अब तक सात लाख 83 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आये हैं।

राज्यपाल ने कहा, ''हमारा प्रदेश खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यह हमारे विकास की आधारशिला है। लीथियम ब्लाक आवंटित करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है। रेत खदानों की नीलामी में पारदर्शिता बरतने के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया को अपनाया गया है।'' डेका ने कहा, ''2047 तक प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए ‘अंजोर विजन’ पत्र तैयार किया गया है। यह सरकार की सोच का खाका है। इसके तहत लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सफलतापूर्वक काम जारी है।’’ 'छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047' मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य को एक विकसित राज्य में बदलने का 25 वर्षीय खाका है।

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