हायर सेकेंडरी परीक्षा में बदलाव से स्कूलों पर बढ़ा दबाव

एडमिट कार्ड दोबारा छापने से स्कूलों की बढ़ी परेशानी
हायर सेकेंडरी परीक्षा में बदलाव से स्कूलों पर बढ़ा दबाव
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7 लाख छात्रों की परीक्षा, 11 दिन पहले बदला शेड्यूल

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में हायर सेकेंडरी थर्ड सेमेस्टर की परीक्षाएं आगामी 21 सितंबर से शुरू होने जा रही हैं, लेकिन विधानसभा उपचुनाव के चलते परीक्षा कार्यक्रम में हुए अचानक फेरबदल ने स्कूलों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नंदीग्राम और रेजीनगर में आगामी 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के कारण उस दौरान तय की गई परीक्षाएं टाल दी गईं। परीक्षा से महज 11 दिन पहले शेड्यूल बदला गया, जिससे गणित, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और जैविक विज्ञान जैसे विषयों के पेपर अब अक्टूबर के मध्य यानी 12, 13 और 14 तारीख को आयोजित किए जाएंगे। 7 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए परीक्षा कार्यक्रम में यह बदलाव मानसिक और प्रशासनिक दोनों रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। शेड्यूल बदलने के बाद स्कूलों को मजबूरन नए एडमिट कार्ड दोबारा प्रिंट करके छात्रों में बांटने पड़ रहे हैं। कई विद्यालयों में स्टाफ की भारी कमी है, जिससे इस अतिरिक्त काम को संभालना प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि छात्रों को दोबारा नोटिस भेजकर बुलाना पड़ रहा है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी हो रही है, जबकि यूनिक अपर आईडी के अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

परीक्षा बदलाव पर शिक्षकों ने उठाए सवाल

बंगीय टीचर्स एंड एजुकेशन वर्कर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी स्वपन मंडल ने इस स्थिति पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि एक छोटे से उपचुनाव के लिए इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा टालना और छात्रों पर आर्थिक व मानसिक बोझ डालना बेहद गलत है। हालांकि, संसदीय सूत्रों का दावा है कि प्रति एडमिट कार्ड प्रिंटिंग का खर्च महज 50 पैसे है, लेकिन स्कूल अधिकारियों का मानना है कि कम संसाधनों के बीच पूरे परीक्षा तंत्र को दोबारा व्यवस्थित करना अत्यधिक तनावपूर्ण है।

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