

सन्मार्ग संवाददाता
हुगली: चंदननगर के जीटी रोड से लक्ष्मीगंज तक दोनों किनारों पर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के संयुक्त प्रयास से सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस कार्रवाई के तहत दुकानों के अवैध हिस्से और कुछ वैध दुकानों के अतिरिक्त निर्माण को तोड़ दिया गया। नगर निगम के लोक निर्माण विभाग के कर्मियों ने इस कार्रवाई में पीडब्ल्यूडी विभाग का सहयोग किया। अधिकारियों ने विशेष रूप से उन स्थायी निर्माणों को हटाने पर ध्यान केंद्रित किया, जो कंक्रीट या स्टील जैसी सामग्री से बनाए गए थे।
इस कार्रवाई को लेकर व्यवसायियों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ व्यापारियों ने कहा कि उन्हें लिखित सूचना नहीं दी गई थी, जबकि नगर निगम का दावा है कि माइकिंग के माध्यम से सभी को पहले से जानकारी दे दी गई थी। नगर निगम के मेयर राम चक्रवर्ती ने कहा कि सरकारी जमीन पर बनाए गए अवैध हिस्सों को तोड़ने के लिए लिखित नोटिस देना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई की जानकारी माइकिंग के जरिए दे दी गई थी।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने सड़क किनारे बनी दुकानों के गैरकानूनी हिस्सों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया। इनमें दुकान की अगली जगह पर बनाए गए अतिरिक्त कंक्रीट प्लेटफॉर्म, स्टील संरचनाएं और अन्य निर्माण शामिल थे। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के अतिक्रमण सड़क यातायात और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं, इसलिए उन्हें हटाना आवश्यक था।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में व्यापारियों और आम नागरिकों में प्रतिक्रियाओं का मिश्रित माहौल देखा गया। कई लोग इसे जरूरी कदम मान रहे हैं क्योंकि इससे सड़क के दोनों किनारों पर गाड़ी और पैदल यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा। वहीं कुछ व्यापारियों ने पहले लिखित नोटिस नहीं दिए जाने पर आपत्ति जताई और प्रशासन से शिकायत दर्ज करने की बात कही।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई नियमित रूप से की जाती रहेगी ताकि सड़क और सार्वजनिक स्थानों का दुरुपयोग न हो। उन्होंने व्यवसायियों से भी अपील की है कि वे भविष्य में किसी भी निर्माण या दुकान के विस्तार से पहले संबंधित विभागों की अनुमति लें।
इस तरह की कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि सरकारी जमीन पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त पहल से न केवल सड़क की सुगमता बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों और व्यापारियों के बीच अनुशासन भी स्थापित होगा।