

भाजपा हमसे राजनीतिक रूप से मुकाबला करके दिखाए
पूछा सवाल, क्या राजनीतिक दलों के आंकड़े एकत्र करना ईडी का काम है
नये रूप से दस्तावेज तैयार करने में चुनाव ही बीत जायेंगे
अगर कुछ ईडी को जरूरत थी तो इनकम टैक्स से ले सकता था
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : ईडी की कार्रवाई को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री पर भी जमकर निशाना साधा। तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ‘धन और बाहुबल’ का इस्तेमाल करके हमें दबा नहीं सकती। यदि भाजपा बंगाल में जीतना चाहती है तो वह हमसे राजनीतिक रूप से मुकाबला करके दिखाये। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता उसे जवाब देगी। ईडी की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री ने पूछा, ‘क्या राजनीतिक दलों के आंकड़े एकत्र करना ईडी का काम है?’ उन्होंने कहा कि 'यह कानून का पालन नहीं है। यही तरीका है उन सबसे सख्त गृह मंत्री के काम करने का, जिन पर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी है? ' मुख्यमंत्री ने कहा, 'मुझे खेद है, अमित शाह जी, प्रधानमंत्री को अपने गृह मंत्री पर नियंत्रण रखना चाहिए।' उन्होंने कहा, ‘भाजपा लोकतंत्र की हत्यारी है। एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से 15 लाख से अधिक लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। क्या उन्हें लगता है कि मतदाताओं के नाम हटाकर और राजनीतिक दलों के आईटी प्रकोष्ठ कार्यालयों पर छापे मारकर वे राज्य पर कब्जा कर सकते हैं।’
तृणमूल कांग्रेस पंजीकृत राजनीतिक दल, आयकर का भुगतान करती है
सीएम ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस एक पंजीकृत राजनीतिक दल है जो आयकर का भुगतान करती है। उन्होंने कहा कि नये रूप से दस्तावेज बनाने में चुनाव ही बीत जायेंगे। अगर कुछ उन्हें जरूरत थी तो इनकम टैक्स से ले सकते थे।
दस्तावेज को लेकर सीएम ने यह कहा
ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, ‘ईडी ने मेरे आईटी सेल (प्रकोष्ठ) के आवास और कार्यालयों पर छापा मारा और मेरे आईटी सेल (प्रकोष्ठ) के प्रभारी के आवास की तलाशी ली। वे मेरी पार्टी के दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त कर रहे थे, जिनमें विधानसभा चुनाव के लिए हमारी पार्टी के उम्मीदवारों का विवरण था। मैंने इन्हें वापस ले लिया है।’ उन्होंने ईडी अधिकारियों पर सत्तारूढ़ पार्टी की हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन, लैपटॉप, उम्मीदवारों की सूची और आंतरिक रणनीति संबंधी दस्तावेजों को जब्त करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘उन्होंने तब तलाशी शुरू की जब अंदर कोई नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारा डाटा, चुनावी रणनीति और जानकारी अपने ‘सिस्टम’ में स्थानांतरित कर दी। यह एक अपराध है।’मुख्यमंत्री ने पूछा, “उन्होंने हमारी चुनाव रणनीति, हमारे एसआईआर डाटा और अन्य विवरण ले लिए हैं।’’
साल्टलेक भी पहुंचीं सीएम
सीएम बाद में सेक्टर-फाइव स्थित कार्यालय पहुंचीं। तब तक बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इलाके की घेराबंदी कर दी थी, जबकि बिधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती और मंत्री सुजीत बोस सहित तृणमूल कांग्रेस के कई स्थानीय नेता और मंत्री पहले से मौजूद थे। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार समेत राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी कार्यालय पहुंचे। केंद्रीय बलों ने उस बहुमंजिली इमारत के प्रवेश और निकास बिंदुओं को सील कर दिया था जहां आई-पैक का कार्यालय स्थित है।