CBI ने एक्जिम बैंक के एक करोड़ डॉलर के ‘घोटाले’ में FIR दर्ज की

CBI ने ‘इंडिया एक्जिम बैंक’ के सहायक महाप्रबंधक जी. सेल्व कुमार की शिकायत पर दर्ज की FIR
New Delhi
‘इंडिया एक्जिम बैंक ‘घोटाले’ में FIR दर्ज
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नयी दिल्ली : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ब्रिटेन की एक कंपनी, उसके पूर्व निदेशकों और सहयोगियों से जुड़े ‘इंडियन एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक’ (एक्जिम बैंक) के कथित एक करोड़ डॉलर के धोखाधड़ी मामले में मुकदमा दर्ज किया है।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि CBI ने ‘इंडिया एक्जिम बैंक’ के सहायक महाप्रबंधक जी. सेल्व कुमार की शिकायत पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बैंक के साथ की गयी धोखाधड़ी के कारण 29 सितंबर 2014 तक एक करोड़ डॉलर (लगभग 63 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। इस अवधि के दौरान इस ऋण खाते को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) घोषित किया गया था। प्राथमिकी में ब्रिटेन की कंपनी ‘हैंजर बायोटेक (एरिथ) लिमिटेड (अब बंद हो चुकी है), उसके पूर्व निदेशकों व जमानतदार, ‘नवी इन्फ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड’ (NIEPL), ‘ह्यूम सिंथेसिस प्राइवेट लिमिटेड’ और अज्ञात लोक सेवकों को अभियुक्त बनाया गया है।

आरोप है कि ‘हैंजर बायोटेक’ ने ब्रिटेन में अपनी पुनर्चक्रण परियोजना के लिए मशीनरी की आपूर्ति के लिए नवी इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ एक समझौता किया था। FIR के अनुसार ऋणदाता कंपनी ने उक्त परियोजना के लिए बैंक से कर्ज की मांग की थी। कंपनी द्वारा सौंपी गयी परियोजना की कुल लागत 1.59 करोड़ डॉलर थी, जिसे प्रवर्तकों के 59 लाख डॉलर के अंशदान और शेष राशि को एक्जिम बैंक से ऋण के रूप में वित्तपोषित किया जाना प्रस्तावित था। शिकायत में कहा गया कि मुंबई में बैंक की कार्यकारी समिति ने 2012 में एक करोड़ डॉलर के मियादी ऋण को मंजूरी दी थी।

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