

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मदरसों में वंदे मातरम गीत को बाध्यतामूलक किये जाने को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में एकं मामला दायर किया गया है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अमृता सिन्हा का सवाल था कि इससे दिक्कत क्या है। इसके साथ ही उन्होंने एडवोकेट से सवाल किया कि क्या आपको पता है कि वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है।
पेटीशनर की तरफ से पैरवी करते हुए एडवोकेट शमीम अहमद ने कहा कि प्रत्येक मदरसे में असेंबली से पहले वंदे मातरम गीत गाए जाने को बाध्यतामूलक कर दिया गया है। एडवोकेट अहमद की दलील थी कि इस गीत में कई देवी देवताओं का नाम आता है। इससे मुसलमानो की धार्मिक भावना आहत होती है। इसके अलावा उनकी दलील थी कि इस बाबत नोटिस राज्यपाल की तरफ से दी जानी चाहिए थी। ऐसा नहीं किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला भी दिया, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई वंदे मातरम गाना चाहे तो गा सकता है और नहीं चाहे तो नहीं गा सकता है। राज्य सरकार के एडवोकेट को उन्होंने इस मामले में जरूरी निर्देश लेकर आने को कहा है। इसकी अगली सुनवाई छह जुलाई को होगी।