

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पिछली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार विधानसभा में लोकायुक्त की रिपोर्ट पेश करने में विफल रही, जबकि ऐसा करना आवश्यक था। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 25 जुलाई को विधानसभा में CAG (कैग) रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसके बाद बुलाए जाने वाले विशेष सत्र में रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि यदि CAG रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के ठोस सबूत सामने आते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पूर्व मुख्यमंत्री समेत किसी भी आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए राज्यपाल से सिफारिश भी की जाएगी।
विधानसभा का विशेष सत्र जल्द
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा का एक विशेष सत्र जल्द आयोजित किया जाएगा, जिसमें CAG रिपोर्टें पेश की जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में अम्फान राहत कोष के वितरण में भी अनियमितताएं हुईं। केंद्र सरकार ने इसके लिए फंड जारी किया था। मामला अदालत तक पहुंचा था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने कई संवैधानिक संस्थाओं को प्रभावी ढंग से काम नहीं करने दिया गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 1 अगस्त से राज्य की सभी संवैधानिक संस्थाएं, जिनमें मानवाधिकार आयोग और अन्य निकाय शामिल हैं, पूरी तरह सक्रिय रूप से कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि मानवाधिकार आयोग को किसी मामले में कार्रवाई की आवश्यकता महसूस होती है, तो उसे पूरी स्वतंत्रता और अधिकार दिए जाएंगे। अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर 25 जुलाई को पेश होने वाली CAG रिपोर्ट पर टिकी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रिपोर्ट में क्या खुलासे होते हैं और उसके बाद सरकार क्या कदम उठाती है।