CAA हिंसा का मामला फिर खुला! रेल संपत्ति जलाने वालों से वसूली होगी भरपाई?

2019 में ट्रेनों में आगजनी और तोड़फोड़ के आरोपियों की फाइलें दोबारा खोलने की तैयारी, विशेष जांच सेल बनाने का निर्देश
CAA हिंसा का मामला फिर खुला! रेल संपत्ति जलाने वालों से वसूली होगी भरपाई?
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कोलकाता : नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी आंदोलन के दौरान रेलवे संपत्ति को हुए नुकसान के मामलों की जांच एक बार फिर तेज हो सकती है। 2019 में पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में तोड़फोड़ तथा आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे रेलवे को भारी आर्थिक नुकसान हुआ था।

सूत्रों के अनुसार, उस दौरान रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपियों की पहचान कर पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोलने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। इसके लिए कोलकाता में एक विशेष सेल बनाकर मामले की जांच किए जाने की बात कही गई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw पश्चिम बंगाल दौरे पर हैं और रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

2019 में हुई थी बड़े पैमाने पर हिंसा

CAA के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान विशेष रूप से मुर्शिदाबाद समेत कई क्षेत्रों में रेलवे संपत्ति को निशाना बनाया गया था। कई स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनों में आग लगा दी गई थी और कोचों में तोड़फोड़ की गई थी। इसके चलते कई लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था, जबकि कुछ ट्रेनों का मार्ग बदलना पड़ा था।

इन घटनाओं से रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया था और लंबे समय तक रेल सेवाएं प्रभावित रही थीं।

आधुनिक तकनीक से होगी पहचान

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियों से आरोपियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक और उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया गया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राज्य प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

नुकसान की भरपाई भी हो सकती है

सूत्रों के अनुसार, जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों से रेलवे को हुए नुकसान की भरपाई वसूलने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। रेलवे कानून के तहत रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है और इसमें जुर्माना तथा अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर संबंधित एजेंसियों की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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