

कोलकाताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि 2026-27 का केंद्रीय बजट ‘‘दिशाहीन, जनविरोधी है और इसमें दूरदर्शिता का अभाव है’’ तथा बजट में उनके राज्य के लिए कुछ भी नहीं है।
बनर्जी ने नयी दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में यह भी दावा किया कि बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह बजट दिशाहीन है, इसमें दूरदर्शिता का अभाव है तथा यह नीरस एवं जनविरोधी है। यह बजट महिला-विरोधी, किसान-विरोधी, शिक्षा-विरोधी है तथा यह अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के भी खिलाफ है...। बजट में पश्चिम बंगाल के लिए कुछ भी नहीं है।’’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए लोकलुभावन योजनाओं से परहेज किया और ‘सुधार एक्सप्रेस’ को जारी रखने की घोषणा की।
सीतारमण ने अपना लगातार रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करते हुए किसानों, युवाओं और छोटी कंपनियों पर विशेष ध्यान दने के साथ अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे पर जोर दिया और सुधारों का खाका पेश किया।
उन्होंने विनिर्माण पर जोर देने के साथ पूंजीगत व्यय लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है।
वित्त मंत्री ने लगभग सवा घंटा के अपने बजट भाषण में सुधारों का खाका पेश करते हुए 'विकसित भारत' के लिए बैंकों को तैयार करने को लेकर एक उच्चस्तरीय समिति के गठन का भी प्रस्ताव किया। उन्होंने वृद्धि के प्रमुख इंजन के रूप में एमएसएमई के महत्व को रेखांकित करते हुए 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई विकास कोष का प्रस्ताव रखा। इसका मकसद क्षेत्र में भविष्य के ‘चैंपियन’ तैयार करना और उद्योगों को प्रोत्साहन देना है।