

सन्मार्ग संवाददाता
नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शनिवार को मलेशिया, वियतनाम और इथियोपिया के प्रधानमंत्रियों के साथ अलग-अलगद्विपक्षीय बैठकें हुई। इन बैठकों में भारत के साथ संबंधों को नई रणनीतिक औरआर्थिक दिशा देने के रास्ते खोले हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार इन देशों ने भारतके साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने में विशेष रुचि दिखाई है।सूत्रों के मुताबिक, वार्ता में संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण औरभारत से रक्षा उपकरणों की खरीद सहित रक्षा क्षेत्र मेंसहयोग बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। मलेशिया और इथियोपिया ने भारतीयउद्योगों और निवेश का स्वागत करते हुए भारत के साथ आर्थिक साझेदारी को और व्यापकबनाने की इच्छा जताई।
इथियोपिया ने विशेष रूप से भारतीय खननकंपनियों का स्वागत किया है। इससे भारत और इथियोपिया के बीच खनिज संसाधनों तथा खनन क्षेत्र में कारोबारीसहयोग के नए अवसर खुलने की संभावना है।वहीं मलेशियाके साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं परविशेष चर्चा हुई। यह क्षेत्र भारत के उभरतेसेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और मलेशिया की स्थापित सेमीकंडक्टर निर्माणक्षमता को जोड़ने के लिहाज सेमहत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत और मलेशिया पहले भी सेमीकंडक्टर वैल्यूचेन , तकनीक और कामगार विकास पर सहयोग को आगे बढ़ाने परसहमत हो चुके हैं।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि इन बैठकों से मलेशिया और इथियोपिया को भारत के साथसंबंधों को रक्षा , निवेश और नई प्रौद्योगिकियों के व्यापक एजेंडे से जोड़ने का अवसर मिला है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुईये बैठकें भारत की ग्लोबलसाऊथ के साथ रणनीतिक और आर्थिकसाझेदारी को मजबूत करने की व्यापक पहल के लिहाज से भी महत्वपूर्णहैं। मलेशिया ब्रिक्स 2025 से ब्रिक्स का हिस्सा बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनामके प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग की द्विपक्षीय बैठक हुई । दोनों नेताओं नेभारत-वियतनाम संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और द्विपक्षीय साझेदारी को औरमजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पार्टनर कंट्री के रूप में वियतनाम कीभागीदारी का स्वागत किया। दोनों नेताओं की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत औरवियतनाम ने अपने संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए मई 2026 में ‘एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिवस्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ (उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी) में तब्दील किया था। मई में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एवंराष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरानदोनों देशों के संबंधों को यह नया स्वरूप दिया गया था।