बोस के इस्तीफे से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज
सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस ने गुरुवार की शाम अपने पद से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया। बोस के इस्तीफे से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गयी है। राज्यपाल ने अचानक इस्तीफा देने के कारणों का खुलासा नहीं किया और न ही यह बताया कि क्या कोई राजनीतिक दबाव था जिसके कारण उन्होंने यह निर्णय लिया। तृणमूल कांग्रेस ने बोस के अचानक इस्तीफा देने को लेकर कई सवाल उठाये हैं।
गृह मंत्री को जवाब देना पड़ेगा : तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि गृह मंत्री को जवाब देना पड़ेगा। आप क्या चाहते हैं कि बंगाल में निर्वाचन नहीं होना चाहिए। आप क्या यहां पर राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहते हैं? मंत्री डॉ. शशि पांजा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने (भाजपा) जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिलवाया और अब सी.वी. आनंद बोस को। इसके पीछे की मंशा क्या है? गृह मंत्री आपको इसका जवाब तो देना पड़ेगा। आप क्या चाहते हैं बंगाल की जनता जो वोट देना चाहती है वो वोट नहीं होगा, आप क्या यहां पर राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहते हैं, संविधान नाम की कोई चीज नहीं है। अप्रैल तक बंगाल में चुनाव पूरा भी करना है। तमिलनाडु के राज्यपाल को यहां का प्रभार देने से पहले सीएम ममता बनर्जी से क्यों बातचीत नहीं की गयी?
केंद्र की तरफ से ऐसा क्या कहा गया बाेस को...
मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि क्या भारतीय जनता पार्टी या केंद्र की तरफ से सी वी आनंद बोस को ऐसा कुछ कहा गया जिसके कारण उन्हें पदत्याग करना पड़ा। हमलोगों को आश्चर्य हो रहा है क्योंकि कुछ दिनों में बंगाल में चुनाव होने वाला है। क्या केंद्र सरकार और भाजपा नहीं चाहती है कि बंगाल में चुनाव हो। क्या इसके पीछे कोई और कारण है। क्या बंगाल में राष्ट्रपति शासन हो, भाजपा की ऐसी कोई मंशा तो नहीं है? मंत्री ने कहा कि मीडिया से पता चला कि बोस का 6 मार्च को एक कार्यक्रम भी था। अचानक उनका इस्तीफा देना कई सवाल खड़े कर रहा है।

