

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर: पश्चिम बंगाल के बैरकपुर क्षेत्र में चुनावी सुगबुगाहट तेज होते ही राजनीतिक दलों के बीच दीवार लेखन (Wall Writing) को लेकर घमासान शुरू हो गया है। ताजा विवाद बैरकपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 20 और 21 में सामने आया है, जहाँ दीवारों पर कब्जा जमाने और नारों को मिटाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए हैं।
भाजपा नेतृत्व का आरोप है कि उन्होंने संबंधित वार्डों की दीवारों पर पहले ही अपने राजनीतिक नारे— "जीना है तो भाजपा चाहिए"—लिखकर प्रचार अभियान शुरू कर दिया था। भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि तृणमूल समर्थकों ने रात के अंधेरे में उनके द्वारा लिखे गए नारों को जानबूझकर मिटा दिया और वहां अपना कब्जा जमा लिया। इस घटना से नाराज भाजपा नेताओं ने टीटागढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई है और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। TMC नेताओं का कहना है कि वे दीवारें लंबे समय से उनके प्रचार के लिए आरक्षित थीं और उन पर पहले से ही उनके चिन्ह मौजूद थे। उनका आरोप है कि भाजपा ने जबरन उन दीवारों पर अपने नारे लिख दिए थे। तृणमूल का तर्क है कि उन्होंने केवल अपनी पुरानी दीवारों को वापस लिया है ताकि आगामी चुनावों के लिए व्यवस्थित प्रचार किया जा सके।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए टीटागढ़ थाने की पुलिस अलर्ट पर है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को संज्ञान में लिया है और स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। फिलहाल, दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने की हिदायत दी गई है, लेकिन वार्ड 20 और 21 में अभी भी राजनीतिक सरगर्मी तेज बनी हुई है।