बारासात के पूर्व जिलाध्यक्ष तापस मित्र ने दिया इस्तीफा !

टिकट बंटवारे से नाराज नेता ने पार्टी पदों को त्यागा
तापस मित्रा का फाइल फोटो
तापस मित्रा का फाइल फोटो REP
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बारासात में भारतीय जनता पार्टी के अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। बारसात सांगठनिक जिले के पूर्व अध्यक्ष और राज्य समिति के सदस्य तापस मित्र ने रविवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ने केवल पार्टी नेतृत्व पर अपमान करने का आरोप लगाया, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।

उम्मीदवार चयन को लेकर था विरोध

तापस मित्र काफी समय से बारसात सीट से प्रत्याशी शंकर चटर्जी के नाम का विरोध कर रहे थे। उन्होंने शंकर को बदलने के लिए केंद्रीय और राज्य नेतृत्व को पत्र भी लिखा था। जब कोई सुनवाई नहीं हुई और मध्यमग्राम सीट से भी उन्हें टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। तापस मित्र का आरोप है कि 31 साल तक आरएसएस (RSS) और भाजपा के आदर्शों पर चलने के बावजूद पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर नए लोगों को तवज्जो दी जा रही है।

भ्रष्टाचार के आरोप और जांच की मांग

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तापस मित्र ने प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य के करीबी सहयोगी सुबीर शील पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि सुबीर शील के पास बेहिसाब संपत्ति, लग्जरी बीएमडब्ल्यू कार और महंगी बाइक्स हैं। तापस ने आरोप लगाया कि सुबीर ने अपनी शादी में 2 करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने मांग की कि सुबीर शील की संपत्ति की CBI और ED से जांच कराई जाए।

निर्दल चुनाव लड़ने के संकेत

हालांकि तापस मित्र ने अभी आधिकारिक तौर पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उन्होंने नामांकन पत्र ले लिया है। अगले दो दिनों में वे अपने समर्थकों के साथ चर्चा कर अंतिम फैसला लेंगे। दूसरी ओर, सुबीर शील ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि तापस दल विरोधी गतिविधियों में शामिल थे, इसलिए पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया।

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