धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचते ही भाजपा सांसदों ने किया जोरदार स्वागत

शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद संसद में सम्मान, कांग्रेस ने स्वागत पर साधा निशाना; छात्र आंदोलन समाप्त होने के बाद लौटे संसद
धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचते ही भाजपा सांसदों ने किया जोरदार स्वागत
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नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद और देशव्यापी छात्र आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान का सोमवार को संसद पहुंचने पर भाजपा और एनडीए सांसदों ने जोरदार स्वागत किया। संसद परिसर में उनके पहुंचते ही सांसदों ने "धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद" के नारे लगाए और उनका अभिनंदन किया।

धर्मेंद्र प्रधान कार से उतरकर मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर अभिवादन करते नजर आए। इस दौरान कई भाजपा सांसद उनके आसपास जुट गए। एक सांसद ने उनके सिर पर पारंपरिक टोपी पहनाई, जबकि दूसरे ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर संसद परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

कांग्रेस ने स्वागत पर उठाए सवाल

भाजपा सांसदों द्वारा किए गए स्वागत पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि यह भाजपा की पुरानी आदत है। उन्होंने 2022 के बिलकिस बानो मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह दोषियों के स्वागत की तस्वीरें सामने आई थीं, उसी तरह का व्यवहार अब धर्मेंद्र प्रधान के साथ किया जा रहा है।

छात्र आंदोलन के बाद दिया इस्तीफा

देशभर में परीक्षा अनियमितताओं और NEET पेपर लीक के खिलाफ करीब एक महीने तक चले छात्र आंदोलन के बाद शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंप दिया है।

अपने इस्तीफा पत्र में उन्होंने लिखा कि पिछले दिनों की घटनाओं से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है और यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार युवाओं के भविष्य को किसी भी तरह के भ्रम और अनिश्चितता में नहीं छोड़ना चाहती।

सरकार और छात्रों के बीच बनी सहमति

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सरकार और आंदोलनकारी छात्र संगठन के बीच तीसरे दौर की बातचीत से ठीक पहले आया। बाद में छात्र संगठन ने घोषणा की कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं, जिसके बाद देशभर में चल रहा आंदोलन समाप्त कर दिया गया।

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