मुंबई समेत अधिकतर शहरों में भाजपा जीत की ओर

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी), नागपुर, पुणे समेत महाराष्ट्र के अधिक नगर निगमों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी शिवसेना बहुत आगे हैं और स्पष्ट रूप से उनपर कब्जा करने जा रहे हैं।
मुंबई समेत अधिकतर शहरों में भाजपा जीत की ओर
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मुंबईः मतों की गिनती शुक्रवार सुबह शुरू होने के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव के, 227 वार्ड में से 210 वार्ड के रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी शिवसेना चुनाव में आगे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से हालांकि कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन विभिन्न टीवी चैनल के अनुसार, मुंबई के 92 वार्ड में भाजपा आगे है जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 26 वार्ड में आगे है।

रुझानों के अनुसार, महायुति गठबंधन बीएमसी में सत्ता हासिल करने के लिए जरूरी 114 के बहुमत के आंकड़े को पार करने की स्थिति में है। विभिन्न टीवी चैनल ने बताया कि कांग्रेस ने अपने सहयोगी वंचित बहुजन आघाडी के साथ लातूर नगर निगम में सत्ता हासिल कर ली है। मतों की गिनती सुबह 10 बजे शुरू हुई।

करीब दो दशक बाद साथ आए ठाकरे चचेरे भाई मुंबई में सत्तारूढ़ गठबंधन से पीछे हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 60 वार्ड में और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नौ सीटों पर आगे है। टीवी चैनल ने बताया कि शिंदे के गढ़ ठाणे में उनकी पार्टी 131 में से 18 वार्ड में आगे है जबकि सहयोगी भाजपा 10 वार्ड में आगे है। पुणे में भाजपा ने राकांपा को काफी पीछे छोड़ दिया है। वह 43 सीट पर आगे है। इसके बाद कांग्रेस सात, राकांपा पांच और राकांपा (शरदचंद्र पवार) तीन सीट पर आगे हैं।

पिंपरी चिंचवड में भाजपा 70 सीट पर आगे है जबकि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा 40 सीट पर आगे है। पुणे और पिंपरी चिंचवड में दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा है।

‘एग्जिट पोल’ ने कहा था भारी जीत

‘एग्जिट पोल’ (चुनाव बाद सर्वेक्षण) में बृहस्पतिवार को हुए 29 नगर निगमों के चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की भारी जीत का अनुमान जताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, बीएमसी के चुनाव में 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जो 2017 में हुए 55.53 प्रतिशत मतदान से कम है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का वार्षिक बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है। यहां चार साल की देरी के बाद चुनाव कराए गए। ये 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहले बीएमसी चुनाव हैं। मौजूदा उपमुख्यमंत्री शिंदे 2022 में पार्टी के अधिकतर विधायकों के साथ पार्टी से अलग हो गए थे और भाजपा के साथ गठबंधन कर मुख्यमंत्री बने थे।

मुंबई पर 25 सालों से ठाकरे का कब्जा

अविभाजित शिवसेना का देश की सबसे अमीर नगर निकाय संस्था पर 25 वर्षों (1997-2022) तक दबदबा रहा। लेकिन अभी तक के चुनाव रुझानों और नतीजों ने यह बता दिया है कि इस बार मुंबई में सत्ता बदलने जा रही है। हालांकि चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम में उद्धव और राज ठाकरे पिछले महीने साथ आए, वहीं राकांपा के प्रतिद्वंद्वी धड़ों ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड में स्थानीय गठबंधन किया। इन नगर निगमों के चुनाव कई वर्षों के अंतराल के बाद कराए गए जबकि इनमें से अधिकतर के कार्यकाल 2020 से 2023 के बीच समाप्त हो गए थे। इनमें से नौ नगर निगम मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में आते हैं।

जिन नगर निगमों में मतदान हुआ, उनमें मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभणी, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिरज-कुपवाड, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी शामिल हैं।

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