चुनाव आयोग और प्रशासन के खिलाफ बैरकपुर शिल्पांचल में भाजपा-माकपा ने किया जमकर प्रदर्शन

BJP and CPI(M) staged massive protests against the Election Commission and the administration in Barrackpore industrial area.
बैरकपुर एसडीओ कार्यालय में पहुंचे भाजपा नेता पुलिस अधिकारियों से बात करते हुए
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बैरकपुर : सोमवार को बैरकपुर शिल्पांचल के बैरकपुर और कमरहट्टी में विपक्षी दलों—भाजपा और माकपा (CPIM)—ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक हस्तक्षेप के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। मिली जानकारी के अनुसार बैरकपुर SDO Office में 'फॉर्म-7' जमा करने की प्रक्रिया को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भारी खींचतान देखने को मिली। भाजपा जिला नेतृत्व का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं ताकि कार्यकर्ता चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) तक न पहुँच सकें। बैरकपुर जिला भाजपा के संगठन अध्यक्ष तापस घोष ने कहा कि प्रशासन सत्ता पक्ष के इशारे पर रणनीतिक रूप से उन्हें रोक रहा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि इस पूरी घटना की जानकारी प्रदेश नेतृत्व को दी जा रही है और आगामी निर्देशों के बाद एक बड़े जन-आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही चुनाव आयोग को भी प्रशासनिक पक्षपात की आधिकारिक शिकायत भेजी गई है।

कमरहट्टी में माकपा का प्रदर्शन और 'सेटिंग' के आरोप

कमरहाटी में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब पूर्व विधायक मानस मुखर्जी के नेतृत्व में माकपा कार्यकर्ता डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति पत्र) जमा करने ERO कार्यालय पहुँचे। मानस मुखर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेने के बावजूद, कार्यालय पहुँचने पर दरवाजा बंद मिला और कोई भी उच्च अधिकारी मौजूद नहीं था।

अधिकारियों की अनुपस्थिति से नाराज माकपा कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर ही सभा की और विरोध प्रदर्शन किया। मानस मुखर्जी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, "चुनाव आयोग, तृणमूल और भाजपा के बीच पूरी तरह से 'सेटिंग' चल रही है।" उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा आईपैक (I-PAC) के ऐप के कथित इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल उठाए।

BJP and CPI(M) staged massive protests against the Election Commission and the administration in Barrackpore industrial area.
कमरहट्टी में क्षोभ प्रकट करते माकपा नेता व कर्मी

पत्रकारों पर हमले और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हाल ही में बेलघरिया में हुई पत्रकार निग्रह (पत्रकारों पर हमले) की घटना की भी कड़ी निंदा की गई। विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी द्वारा आद्यापीठ मंदिर में पूजा के दौरान पत्रकारों को कानून की शरण में जाने की सलाह देने पर मानस मुखर्जी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि तृणमूल और भाजपा मिलकर लोकतंत्र को नष्ट कर रहे हैं और प्रशासन का इस्तेमाल प्रेस की आजादी छीनने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रशासन द्वारा पत्रकारों पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

भविष्य की चेतावनी

कमरहाटी में मानस मुखर्जी, सायंती दीप मित्रा और प्रदीप मजूमदार सहित सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन और चुनाव आयोग ने अपना रवैया नहीं बदला, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। बैरकपुर से लेकर कमरहाटी तक, दोनों विपक्षी दलों ने प्रशासन को सीधे तौर पर हुंकार भरी है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और चढ़ने की संभावना है।

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