

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
नई दिल्ली/गांधीनगर-कोलकाता : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात में 'भारत टैक्सी' सेवा का शुभारंभ करते हुए इसे देश का पहला ड्राइवर-स्वामित्व वाला सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल टैक्सी चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, क्योंकि इसमें ड्राइवर ही मालिक होंगे और मुनाफे में भी उनकी भागीदारी होगी। शाह ने निजी कैब एग्रीगेटर कंपनियों पर ड्राइवरों के शोषण और अनुचित प्रतिस्पर्धा का आरोप भी लगाया।
14 शहरों से हुई सेवा की शुरुआत
अमित शाह ने गुजरात के 14 प्रमुख शहरों में भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। सरकार का लक्ष्य एक महीने के भीतर इसे पूरे गुजरात में और अगले दो वर्षों में देश के 500 से अधिक शहरों तक पहुंचाने का है।
'सारथी ही मालिक' मॉडल
शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का संचालन सहकारी मॉडल पर होगा, जिसमें ड्राइवर केवल कर्मचारी नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार और मालिक होंगे। निजी कंपनियों की तरह कमीशन आधारित व्यवस्था के बजाय इस मॉडल में लाभ सीधे ड्राइवरों तक पहुंचेगा।
निजी कंपनियों पर साधा निशाना
कार्यक्रम में अमित शाह ने आरोप लगाया कि कुछ निजी टैक्सी कंपनियां घाटे में सेवाएं देकर और किराए कम करके भारत टैक्सी जैसी सहकारी पहल को रोकने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे भी भ्रामक हैं कि भारत टैक्सी का किराया अन्य प्लेटफॉर्म की तुलना में अधिक है।
जीरो कमीशन और बिना सर्ज प्राइसिंग
भारत टैक्सी को जीरो-कमीशन और सर्ज-फ्री मॉडल पर तैयार किया गया है। इसमें कार, ऑटो और दोपहिया वाहनों की बुकिंग की जा सकेगी। ड्राइवरों को स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
देशभर में विस्तार की तैयारी
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार भारत टैक्सी को देशभर में सहकारी परिवहन मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। पायलट चरण में लाखों ड्राइवर और बड़ी संख्या में यात्री इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। सरकार का दावा है कि यह पहल ड्राइवरों की आय बढ़ाने और यात्रियों को पारदर्शी व किफायती सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।