

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल से बाहर काम करने वाले श्रमिकों, अन्य राज्यों या विदेशों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए चुनाव आयोग एक बड़ी पहल करने जा रहा है। आयोग बहुत जल्द एक नया डिजिटल पोर्टल शुरू करने की तैयारी में है, जिसके जरिए राज्य से बाहर रह रहे मतदाता अपने जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल या अपडेट करा सकेंगे।
बाहर रहने वाले मतदाताओं को बड़ी राहत
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, राज्य से बाहर रहने वाले लाखों श्रमिक और छात्र अब तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या संशोधन कराने में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। बार-बार राज्य लौटना, बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय के चक्कर लगाना इनके लिए व्यावहारिक नहीं था। नया पोर्टल शुरू होने से यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल हो जाएगी।
कौन उठा सकेगा पोर्टल का लाभ
इस पोर्टल का लाभ वे मतदाता उठा सकेंगे—
-जो रोज़गार के सिलसिले में पश्चिम बंगाल से बाहर रहते हैं
-जो अन्य राज्यों या विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं
-जिनका नाम पुराने पते या त्रुटियों के कारण मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाया है
-जिनके नाम, उम्र, पता या अन्य विवरणों में संशोधन की आवश्यकता है
कौन-कौन से दस्तावेज होंगे मान्य
पोर्टल पर पहचान और निवास प्रमाण के रूप में निम्न दस्तावेज अपलोड किए जा सकेंगे—
-आधार कार्ड
-पासपोर्ट
-पैन कार्ड
-शैक्षणिक संस्थान द्वारा जारी प्रमाण-पत्र
-नियोक्ता द्वारा जारी कार्य प्रमाण-पत्र
-किरायानामा या निवास प्रमाण
चुनाव आयोग यह भी सुनिश्चित करेगा कि दस्तावेजों की जांच पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो।
मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण से जुड़ा कदम
यह नया पोर्टल मौजूदा मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से भी जुड़ा होगा। आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी वास्तविक मतदाता केवल स्थान परिवर्तन या अस्थायी प्रवास के कारण मतदान अधिकार से वंचित न रहे।
चुनावी भागीदारी बढ़ाने की कोशिश
आयोग का मानना है कि पश्चिम बंगाल के लाखों श्रमिक देश के विभिन्न हिस्सों में काम करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाते हैं। इन वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित किए बिना चुनाव प्रक्रिया अधूरी मानी जाती है। नया पोर्टल लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करेगा।
जल्द जारी होगी अधिसूचना
चुनाव आयोग की ओर से इस पोर्टल को लेकर जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना और दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर और तकनीकी सहायता की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि दूर-दराज या विदेशों में रह रहे मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।