निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर: पुलिस बल के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों व जवानों का उत्साहवर्धन करने के लिए बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक अनूठा कदम उठाया है। इस पहल के तहत अब कमिश्नरेट के किसी भी रैंक के कर्मी द्वारा किए गए असाधारण कार्यों को न केवल सराहा जाएगा, बल्कि उसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित भी किया जाएगा। बैरकपुर के पुलिस आयुक्त (सीपी) मुरलीधर ने इस नई योजना की घोषणा करते हुए बताया कि पुलिस बल के हर स्तर पर असाधारण कार्य करने वाले कर्मियों को पहचान दिलाने के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल चौबीसों घंटे कठिन परिस्थितियों में काम करता है और कई बार अधिकारी या जवान ऐसे कार्य करते हैं जो दूसरों के लिए मिसाल बन सकते हैं। ऐसे कार्यों को अब डीसी मुख्यालय (DC Hq) के संज्ञान में लाया जाएगा।
मुख्यालय में महीने भर प्रदर्शित होगी सफलता की कहानी
नई व्यवस्था के तहत, यदि किसी भी रैंक का पुलिसकर्मी (कांस्टेबल से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक) कोई साहसिक कार्य, जटिल मामले को सुलझाने या मानवीय सेवा का असाधारण उदाहरण पेश करता है, तो उसे विशेष मान्यता दी जाएगी। सीपी ने स्पष्ट किया कि चयनित अधिकारी या कर्मी के कार्य का विवरण बैरकपुर पुलिस मुख्यालय में पूरे महीने के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य अन्य पुलिसकर्मियों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करना है। जब मुख्यालय आने वाले लोग और साथी कर्मी किसी की सफलता की कहानी देखेंगे, तो इससे बल के भीतर एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और गौरव की भावना पैदा होगी। इसकी शुरुआत बैरकपुर के दो पैसा घाट पर ड्यूटी करने वाले सिविक वॉलेंटियर गोरखनाथ दीक्षित के सराहनीय कार्य से की गयी।
पारदर्शिता और मनोबल पर जोर
सीपी मुरलीधर ने निर्देश दिया है कि अधिकारी अपने अधीन काम करने वाले उन कर्मियों के नाम और उनके विशेष कार्यों की जानकारी साझा करें, जो इस सम्मान के हकदार हैं। इस पहल से न केवल पुलिस और जनता के बीच संबंधों में सुधार होगा, बल्कि विभाग के भीतर अनुशासन और निष्ठा को भी बढ़ावा मिलेगा। बैरकपुर पुलिस के इस कदम की सराहना की जा रही है, क्योंकि यह जमीनी स्तर पर काम करने वाले उन पुलिसकर्मियों को सम्मान दिलाने का जरिया बनेगा जो अक्सर पर्दे के पीछे रहकर कानून-व्यवस्था बनाए रखते हैं।