सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सूरज की किरणें निकलने के साथ ही बुधवार को बाजार में थोड़ी चहल-पहल दिखी। बावजूद इसके दुकानदारों में काफी ज्यादा निराशा देखने को मिली। दुकानों में कुछ खरीददार पहुंचे, मगर जितनी भीड़ आम तौर पर पूजा के समय होती थी, उसकी तुलना में 10% भी नहीं थी। अगर हम बात करें बड़ाबाजार, राम मंदिर, न्यू मार्केट व आस पास के इलाकों की तो बुधवार को यहां दुकानें खुलीं, मगर दुकानों में बिक्री की जगह दुकानदार सफाई करते दिखे। न्यू मार्केट में भी दुकानें खुली और सड़कों पर स्टॉल भी लगाए गए, मगर रौनक नदारद रही। न्यू मार्केट में खरीददार पहुंचे, मगर पूजा के दौरान जब पैर रखने की जगह तक नहीं रहती थी, उसकी तुलना में भीड़ काफी कम रही। सोमवार की रात हुई बारिश के बाद मंगलवार को महानगर का अधिकांश इलाका जलमग्न हो गया था, जिस वजह से दुर्गा पूजा से पहले व्यापार तो ठप हुआ ही, इसके अलावा काफी नुकशान भी हुआ। दुकानदार दुकानों से पानी निकालते और कपड़ों को धूप और पंखे के सहारे सुखाने का प्रयास करते दिखे।
मुनाफे की जगह हुआ नुकसान
राम मंदिर में कपड़ों की दुकान चलाने वाले सज्जन शर्मा ने बताया कि लाखों का नुकसान हुआ है। दुकान में पूरा पानी भर गया था, कई कपड़े खराब हो गए हैं। जिस वक्त दुकानदारों को सांस लेने तक की फुरसत नहीं होती है, उस समय दुकानदार सफाई में लगे हैं। कई दुकानदारों ने कहा कि पूजा को ध्यान में रखते हुए काफी सामान मंगाए थे, मगर वे सब खराब हो चुके हैं।
कॉपी, किताब से लेकर खाने-पीने के सामान हुए बर्बाद
बड़ाबाजार इलाके में स्टेशनरी की दुकान चलाने वाले राजेश कुमार सिंह ने बताया कि लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। कई सारे सामान खराब हो गए हैं। वहीं किराने की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार ने बताया कि दाल, चावल, आटा से लेकर काफी सामान खराब हो गये हैं।