बाराटांग पंचायत ने सड़क, बिजली और पानी की गंभीर समस्या पर जतायी चिंता

बाराटांग द्वीप का पावर हाउस
बाराटांग द्वीप का पावर हाउस
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : ग्राम पंचायत निलंबुम, बाराटांग मिडल अंडमान ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर बाराटांग द्वीप में बुनियादी ढांचे की बदतर स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। ज्ञापन आयुक्त-सह-सचिव (लोक निर्माण विभाग, बिजली एवं स्वास्थ्य) को संबोधित है जिसमें सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की जर्जर हालत पर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की गई है। पंचायत ने कहा है कि क्षेत्र दशकों पीछे छूट गया है और बुनियादी विकास से वंचित है। पंचायत ने ग्रामीण सड़कों की स्थिति पर नाराजगी जताई। राफ्टर क्रीक से खट्टा खाड़ी तक नवनिर्मित 2 किमी सड़क खराब हो चुकी है, जिससे बस सेवा बंद हो गई और 48 परिवार अलग-थलग पड़ गए हैं। बुजुर्ग और बीमार लोगों को अस्पताल तक अस्थायी स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ रहा है। राजतगढ़ से राफ्टर्स क्रीक तक की 2.7 किमी सड़क, जो मात्र पांच वर्ष पहले बनी थी, 18 माह में ही टूट गई। बच्चे और ग्रामीण लंबे-लंबे असुरक्षित रास्तों से पैदल जाने को मजबूर हैं। इसके अलावा एटीआर से अभयगढ़ तक की सड़क परियोजना 12 वर्षों से अधूरी पड़ी है। ज्ञापन में कहा गया है कि 2018 में उद्घाटित राफ्टर क्रीक जलापूर्ति परियोजना अब तक शुरू नहीं हो पाई है। ग्रामीण अब भी नाले का पानी पीने को मजबूर हैं और गर्मियों में कुएं सूख जाते हैं। आबादी, पर्यटन और वाहन फेरी सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण संकट और गहरा गया है। पंचायत ने अस्थायी रूप से फिल्टर जल उपलब्ध कराने और परियोजना को शीघ्र पूरा करने की मांग की है।

निलंबुम में लगातार बिजली कटौती से आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। पंचायत ने 1000 केवीए और 500 केवीए के दो हाई कैपेसिटी जनरेटर लगाने की मांग की है। मौजूदा पावरहाउस 40 वर्ष पुराना है और उसे सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। 15 सितम्बर को पूरा निलंबुम अंधेरे में डूब गया था।

पंचायत ने कहा कि उपकरण ले जाने वाला एकमात्र ट्रक अक्सर खराब रहता है, जिससे मरम्मत कार्य प्रभावित होता है। स्थायी लाइनमैन की नियुक्ति भी तत्काल जरूरी है। राफ्टर क्रीक से गुजरने वाली हाई टेंशन लाइन अक्सर ट्रिप हो जाती है, जिससे राजतगढ़ और खट्टा खाड़ी अंधेरे में डूब जाते हैं। पंचायत ने इसे सड़क किनारे स्थानांतरित करने और स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी गंभीर समस्या बताई गई। बाराटांग पीएचसी में दो डॉक्टर पदस्थ हैं लेकिन पुरुष डॉक्टर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं और महिला डॉक्टर, जो मेडिकल ऑफिसर हैं, प्रायः अवकाश पर रहती हैं। बिजली कटौती के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ता है जिससे ग्रामीणों को भारी कठिनाई उठानी पड़ती है। पंचायत ने कहा कि विभागीय लापरवाही और संसाधनों की कमी ने विकास को ठप कर दिया है और ग्रामीण स्वयं को “59 वर्ष पीछे” महसूस कर रहे हैं।

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