

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात: बारसात मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर से एक युवक के शव की आँख गायब होने के सनसनीखेज मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। इस घटना को लेकर चल रहे 'आँख चोरी' विवाद में दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट (जो मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कराई गई थी) की प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, यह दावा किया गया है कि मृतक प्रीतम घोष की आँख को चूहे या छछूंदर जैसे जीवों ने नोंचकर खा लिया था।
जाँचकर्ताओं की मेडिकल रिपोर्ट में यह विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि मृत शरीर में आईबॉल का कुछ हिस्सा अभी भी मौजूद है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह अंग तस्करी का मामला नहीं है, बल्कि यह चूहे या अन्य कृंतक (rodents) द्वारा क्षति पहुँचाने का मामला है।
कैसे शुरू हुआ था विवाद?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मंगलवार को मृतक प्रीतम घोष के परिजन बारासात मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर से उनका शव अंतिम संस्कार के लिए लेने पहुँचे। शव देखते ही परिवार वालों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई, क्योंकि उन्होंने पाया कि प्रीतम की एक आँख गायब थी और मुँह के एक तरफ तुलसी का पत्ता पड़ा हुआ था। इस भयावह दृश्य के बाद मुर्दाघर परिसर में भारी हंगामा मच गया और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
घटना की गंभीरता उस समय और बढ़ गई जब उसी समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जेशोर रोड से लौट रही थीं और विरोध प्रदर्शन के कारण उनका काफिला प्रदर्शनकारियों के बीच फँस गया। प्रदर्शनकारियों ने तुरंत मुख्यमंत्री को रोककर उन्हें पूरी घटना से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही मामले की गंभीरता को समझा और पीड़ित परिवार को त्वरित जाँच और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुर्दाघर कर्मचारियों का दावा सही साबित
विवाद के तुरंत बाद, मुर्दाघर के अस्थायी कर्मचारियों ने शुरू से ही दावा किया था कि मुर्दाघर का कूलर लंबे समय से खराब चल रहा है, जिसके कारण वहाँ चूहे और छछूंदरों का आतंक बढ़ गया है। उन्होंने आशंका जताई थी कि इन्हीं जीवों ने मृतक की आँख नोंच ली होगी। हालांकि, परिवार वालों ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया था और उन्होंने यह गंभीर आरोप लगाया था कि यह अंग तस्करी का मामला हो सकता है।
परिजनों के आरोपों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद, मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया। अब इस दूसरी रिपोर्ट में भी अस्थायी कर्मचारियों के दावे की पुष्टि हुई है कि आँख चूहे या छछूंदर द्वारा ही नोंची गई है। स्वास्थ्य भवन ने पूरे मामले की जाँच के लिए एक तीन सदस्यीय विशेष कमेटी का भी गठन किया है, जो इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जाँच कर रही है।